हिंदी साहित्य के दर्शन

हिंदी साहित्य के दर्शन दर्शनप्रवर्तकसांख्यकपिलयोगपतंजलिन्यायअक्षपाद गौतमवैशेषिकउलूक कणदमीमांसा/पूर्व-मीमांसाजैमिनीवेदांत/उत्तर मीमांसाबादरायणलोकायत/बार्हस्पत्यचार्वाक (बृहस्पति का शिष्य)बौद्ध/क्षणिकवादगौतम बुद्धजैन/स्यादवादमहावीरअद्वैत

प्रमुख हिन्दी भाषेतिहास (Bhashetihas)

हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है। हिन्दी भाषा व साहित्य के जानकार अपभ्रंश की अंतिम अवस्था 'अवहट्ट' से हिन्दी

हिन्दी साहित्य के प्रमुख रिपोर्ताज (Riportaj)व उनके रचनाकार

हिन्दी साहित्य के प्रमुख रिपोर्ताज (Riportaj)व उनके रचनाकार इस प्रकार से हैं- शिवदान सिंह चौहान- लक्ष्मीपुरा (1938 ई०, 'रूपाभ' पत्रिका में प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट) रांगेय राघव- तूफानों के बीच (1946 ई०, हंस' पत्रिका में बंगाल के

हिन्दी साहित्य में प्रमुख यात्रा-वृतान्त (Yatra Vritant) व उनके यात्रा-वृत्तान्तकार

हिन्दी साहित्य में प्रमुख यात्रा-वृतान्त (Yatra Vritant) व उनके यात्रा-वृत्तान्तकार इस प्रकार से हैं : - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र- सरयू पार की यात्रा, मेंहदावल की यात्रा, लखनऊ की यात्रा, हरिद्वार की यात्रा (1871 ई० से 1879 ई० के बीच)

हिन्दी साहित्य के रेखाचित्र कार व उनके रेखा-चित्र

हिन्दी साहित्य के रेखाचित्र व उनके रेखाचित्रकार इस प्रकार से हैं :- पदम् सिंह शर्मा -पदम् पराग (1929 ई०) श्रीराम शर्मा -बोलती प्रतिमा (1937 ई०) प्रकाशचंद्र गुप्त -शब्द-चित्र एवं रेखा-चित्र (1940 ई०, पुरानी स्मृतियाँ और नये स्केच

हिन्दी साहित्य के प्रमुख संस्मरण (Sansmaran)

हिन्दी साहित्य के प्रमुख संस्मरण इस प्रकार से हैं : अनुमोदन का अंत (1905 ई०) सभा की सभ्यता (1907 ई०)- महावीर प्रसाद द्विवेदी हरिऔध जी का संस्मरण -बालमुकुंद गुप्त शिकार (1936 ई०) बोलती प्रतिमा (1937 ई०), भाई जगन्नाथ, प्राणों का

हिन्दी साहित्य में प्रमुख जीवनी (Biography) व उनके जीवनीकार

हिन्दी साहित्य में प्रमुख जीवनी (Biography) व उनके जीवनीकार इस प्रकार हैं :- नाभा दास- भक्तमाल (1585 ई०) गोसाई गोकुलनाथ -चौरासी वैष्णवन की वार्ता, दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता (17 वीं सदी ई०) गोपाल शर्मा शास्त्री -दयानंद दिग्विजय