Sahity.in से जुड़ें @WhatsApp @Telegram @ Facebook @ Twitter

हिंदी साहित्य के पाठ्यक्रम (Hindi literature courses )को लेकर हमने वेबसाइट बनाया है जिसमें हिंदी साहित्य के आदिकाल, भक्तिकाल , रीतिकाल , आधुनिक काल , काव्यशास्त्र और भाषा विज्ञान का समावेश किया गया है.

sahityin-Hindi literature courses

यहाँ आप निम्न बिन्दुओं को विस्तार से समझेंगे: –

भाषा इतिहास

भाषा व्याकरण

भाषा विज्ञान

हिन्दी साहित्येतिहास

आदिकाल

भक्तिकाल

रीतिकाल

आधुनिक काल

नाटक/ एकांकी

कहानी/ उपन्यास

निबंध/ आलोचना

पत्रकारिता

साहित्यिक परिचय

अज्ञेय ** अमरकांत ** अमृतलाल नागर ** अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध ** अरस्तू पाश्चात्य काव्यशास्त्री ** कबीर दास ** कवयित्री महादेवी वर्मा ** कवि अमीर खुसरो ** कवि आलम ** कवि कबीर ** कवि चंदवरदाई ** कवि तुलसीदास ** कवि दलपत विजय ** कवि देवसेन ** कवि नरपति नाल्ह ** कवि नागार्जुन ** कवि भारतेन्दु हरिश्चंद्र ** कवि सुमित्रानंदन पन्त ** कवि सूरदास ** काव्यशास्त्री प्लेटो ** कृष्णा सोबती ** केदारनाथ सिंह ** केशवदास ** खुमाण रासो ** गजानन माधव मुक्तिबोध ** गुरु नानक देव ** घनानंद ** चंदबरदाई ** जगनिक ** जयशंकर प्रसाद ** जैनेंद्र कुमार ** त्रिलोचन शास्त्री  ** नगेंद्र ** नन्ददुलारे वाजपेयी  ** नागार्जुन ** नामवर सिंह ** बदरीनारायन चौधरी ** बिहारी ** बीसलदेव रासो ** भट्ट केदार मधुकर कवि ** भूषण ** मन्नू भंडारी ** मलिक मुहम्मद जायसी ** महावीर प्रसाद द्विवेदी ** मीराबाई ** मुक्तिबोध ** मुंशी प्रेमचंद ** मैथिलीशरण गुप्त ** मोहन राकेश ** रघुवीर सहाय (Raghuveer Sahay) ** रसखान ** राजेन्द्र यादव  ** राधाचरण गोस्वामी ** राम विलास शर्मा ** रामचन्द्र शुक्ल ** रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ** रैदास या रविदास ** लीलाधर जंगूड़ी ** विद्याधर ** विद्यानिवास मिश्र ** विद्यापति ** शमशेर बहादुर सिंह ** श्रीकांत वर्मा ** साहित्यकार ** सुदामा पाण्डेय “धूमिल” ** सुभद्रा कुमारी चौहान ** सूरदास ** सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला ** स्वंयभू

अन्य गद्य विधा

संस्कृत काव्यशास्त्र

पाश्चात्य काव्यशास्त्र

हिंदी काव्यशास्त्र

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

महत्वपूर्ण रचनाएँ

Latest Posts

  • हिंदी साहित्य में भ्रम में डालने वाले बिंदु
    हिंदी साहित्य में भ्रम में डालने वाले बिंदु रेती के फूल_______ :-रामधारी सिंह दिनकर अशोक के फूल_______:- हजारी प्रसाद द्विवेदी कमल के फूल_______ :-भवानी प्रसाद मिश्र शिरीष के फूल_______:- हजारी प्रसाद द्विवेदी कागज के फूल_____ :-भारत भूषण अग्रवाल जूही के फूल_________:- रामकुमार वर्मा गुलाब के फूल ________:-उषा प्रियवंदा नीम के फूल_________:- गिरिराज किशोर खादी के […]
  • अरस्तू का विरेचन सिद्धांत
    अरस्तू का विरेचन सिद्धांत
  • लीलाधर जगूड़ी का साहित्यिक परिचय
    लीलाधर जगूड़ी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी कवि है जिनके कृति अनुभव के आकाश में चांद  को १९९७ मे पुरस्कार प्राप्त हुआ। लीलाधर जगूड़ी का साहित्यिक परिचय जन्म :- 1 जुलाई 1944, जन्म स्थान:- धंगड़, टिहरी (उत्तराखंड) भाषा :- हिंदी विधाएँ :- कविता, गद्य, नाटक काल- आधुनिक काल युग- नयी कविता युग लीलाधर जगूड़ी की रचनाएँ:- कविता संग्रह :- […]
  • सिद्ध-साहित्य की सामान्य प्रवृत्तियाँ
    सिद्ध-साहित्य की सामान्य प्रवृत्तियाँ सिद्ध-साहित्य की सामान्य प्रवृत्तियाँ इस प्रकार है :- १) जीवन की सहजता और स्वाभाविकता मे दृढ विश्वास :- सिद्ध कवियों ने जीवन की सहजता और स्वाभाविकता में दृढविश्वास व्यक्त किया है। अन्य धर्म के अनुयायियों ने जीवन पर कई प्रतिबन्ध लगाकर जीवन को कृत्रिम बनाया था। विशेषकर कनक कामिनी को साधना […]
  • नई कविता के कवि
    नई कविता के कवि 1911-1987 ई॰        अज्ञेय 1911-1993 ई॰        शमशेर बहादुर सिंह 1914-1985 ई॰        भवानी प्रसाद मिश्र 1917-1964 ई॰        गजानन माधव मुक्तिबोध 1917-1991 ई॰        प्रभाकर माचवे 1919-1975 ई॰        भारत भूषण अग्रवाल 1919-1994 ई॰        गिरिजा कुमार माथुर 1922-2000 ई॰        नरेश मेहता 1922-2002 ई॰        लक्ष्मीकान्त वर्मा 1922-1992 […]
  • हिन्दी के जीवनीपरक उपन्यास
    हिन्दी के जीवनीपरक उपन्यास ‘भारती का सपूत’— डॉ. रांगेय राघव (भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पर, हिन्दी में प्रथम जीवनीपरक उपन्यास, 1954, प्रथम संस्करण),  ‘रत्ना की बात’ — डॉ. रांगेय राघव (तुलसी के जीवन पर, 1957, द्वितीय संस्करण)  ‘लोई का ताना’— डॉ. रांगेय राघव (कबीर के जीवन पर, 1954) ‘मानस का हंस’— अमृतलाल नागर (तुलसीदास के जीवन पर, […]
  • विविध भक्ति सम्प्रदाय
    विविध भक्ति सम्प्रदाय 1. अद्वैत सम्प्रदाय (विशिष्टावाद)  -शंकराचार्य2. श्री सम्प्रदाय (विशिष्टाद्वैतवाद) -रामानुजाचार्य3. ब्रह्म सम्प्रदाय (द्वैत वाद) -मध्वाचार्य4. हंस सम्प्रदाय (सनकादि सम्प्रदाय, दवैतादवैतवाद) -निम्बकाचार्य5. वल्लभ सम्प्रदाय (शुद्धाद्वैतवाद) -वल्लभाचार्य6. रुद्र सम्प्रदाय (शुद्ध ब्रह्म मायारहित) -विष्णु स्वामी7. गौड़ीय सम्प्रदाय (भेदाभेदवाद) -चैतन्य महाप्रभु8. सखीसम्प्रदाय (हरिदासी सम्प्रदाय)  -हरिदास 9. रसिक. सम्प्रदाय – अग्रदास10. स्वसुखी सम्प्रदाय -रामचरण दास11. उद्धति  सम्प्रदाय -सहजानंद12.  महापुरुषिया सम्प्रदाय-शांकरदेव13. रामदासी सम्प्रदाय – रामदास14. . तत्सुखी सम्प्रदाय-जीवाराम.15.  राधावल्लभ सम्प्रदाय -गोस्वामी हित हरिवंश16. वारकरी सम्प्रदाय- पुंडलिक 
  • पाश्चात्य काव्यशास्त्र के वाद
    पाश्चात्य काव्यशास्त्र के वाद अरस्तू का विरेचन सिद्धांत  अरस्तू के द्वारा प्रयुक्त शब्द कैथार्सिस का अर्थ है सफाई करना या अशुद्धियों को दूर करना, अतः कैथार्सिस का व्युत्पत्तिपरक अर्थ हुआ शुद्धिकरण। अरस्तू ने ‘विरेचन’ शब्द का ग्रहण चिकित्साशास्त्र से किया था, इस मत का प्रचार सं १८५७ में जर्मन विद्वान बार्नेज के एक निबंध से […]
  • अंतः सलीला कामायनी वस्तुनिष्ठ प्रश्न
    अंतः सलीला कामायनी वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1. अंतः सलीला के रचनाकार हैं-1. अज्ञेय✅2. मुक्तिबोध3. पंत4. महादेवी वर्मा 2. अंतः सलीला का रचनाकाल है-1. 1957 ई.2. 1958 ई.3. 1959 ई.✅4. 1960 ई. 3. अंतः सलीला किस रेलयात्रा के दौरान लिखी गई-1. दिल्ली से इलाहाबाद2. आगरा से इलाहाबाद3. आगरा से दिल्ली4. इलाहाबाद से दिल्ली✅5. इलाहाबाद से आगरा 4. […]
  • प्रमुख नाटककार के नाटक
    प्रमुख नाटककार के नाटक भीष्म साहनी के नाटक 1-हानूश (1977) 2-कबिरा खड़ा बाजार में(1981) 3-माधवी (1985) 4-मुआवजे (1993) 5-रंग दे बसंती चोला (1998) 6-आलमगीर (1999) जगदीश चंद्र माथुर के नाटक 1-कोणार्क (1951) 2-शारदीया(1959) 3-पहला राजा (1969) 4-दशरथनंदन (1974) 5-रघुकुल रीति (1985) लक्ष्मीनारायण लाल के नाटक 1-अंधा कुआँ(1955) 2-मादा कैक्टस (1959) 3-तीन आँखों वाली मछली (1960) […]