हिन्दी साहित्य के इतिहास ग्रन्थ

हिन्दी साहित्य का इतिहास

हिन्दी साहित्य के इतिहास ग्रन्थ 1.गार्सा-द-तासी-इस्त्वार द ला लितरेत्यूर ऐन्दुई ऐन्दुस्तानी 2.मौलवी करीमुद्दीनतबका तश्शुअहा में तजकिरान्ई जुअहा- ई हिंदी 3.शिवसिंह सेंगर शिवसिंह सरोज 4.सरजाँर्ज ग्रियर्सन -द माडर्न वर्नेक्यूलर लिटरेचर आँफ हिन्दुस्तान 5.मिश्रबन्धु- मिश्रबन्धु विनोद( श्यामबिहारी मिश्र , शुकदेव बिहारी मिश्र , गणेश बिहारी मिश्र ) 6.आचर्य रामचन्द शक्ल- हिंदी साहित्य का इतिहास 7.डा. रामकुमार वर्मा-हिंदी … Read more

हिन्दी भाषा का विकास

हिन्दी साहित्य

हिन्दी भाषा का विकास ‘हिंदी’ विश्व की लगभग 3,000 भाषाओं में से एक है।   आकृति या रूप के आधार पर हिन्दी वियोगात्मक या विश्लिष्ट भाषा है।   भाषा-परिवार के आधार पर हिन्दी भारोपीय (Indo-European) परिवार की भाषा है।   भारत में 4 भाषा-परिवार- भारोपीय, द्रविड़, आस्ट्रिक व चीनी-तिब्बती मिलते हैं। भारत में बोलनेवालों के … Read more

हिन्द यूरोपीय भाषा परिवार या भारोपीय परिवार

हिन्दी साहित्य

हिन्द यूरोपीय भाषा परिवार या भारोपीय परिवार हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार या भारोपीय परिवार संसार का सबसे बड़ा भाषा परिवार हैं। हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार में विश्व की सैंकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ सम्मिलित हैं। आधुनिक हिन्द यूरोपीय भाषाओं में से कुछ हैं :  हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी, फ़्रांसिसी, जर्मन, पुर्तगाली, स्पैनिश, डच, फ़ारसी, बांग्ला, पंजाबी, रूसी, इत्यादि। ये सभी भाषाएँ एक ही आदिम भाषा से निकली है, उसे आदिम-हिन्द-यूरोपीय भाषा का नाम दे … Read more

हिन्दी भाषा के विकास हेतु प्रमुख स्थापनाएँ

हिन्दी भाषा का इतिहास

हिन्दी भाषा के विकास हेतु प्रमुख स्थापनाएँ फोर्ट विलियम कालेज, /कलकत्ता4 मई, 1800 ई० कवितावर्धिनी सभा, /काशी1870 ई० (संस्थापक-भरतेन्दु हरिश्चन्द्र) हिन्दी (भाषा) संवर्द्धिनी सभा, /अलीगढ़1874 ई० (संस्थापक-भरतेन्दु मंडल के एक सदस्य बाबू तोताराम वर्मा) हिन्दी उद्धारिणी प्रतिनिधि मध्य सभा, /प्रयाग1884 ई० नागरी प्रचारिणी सभा,/ काशी16 जुलाई, 1893 ई० (संस्थापक-श्याम सुंदर दास, राम नारायण मिश्र व … Read more

हिंदी साहित्य के वस्तुनिष्ठ प्रश्न

हिन्दी वस्तुनिष्ठ प्रश्न

हिंदी साहित्य के वस्तुनिष्ठ प्रश्न हिन्दी साहित्य सम्पूर्ण पाठ्यक्रम वस्तुनिष्ठ प्रश्न ↗  हिंदी प्रश्नोत्तरी भाग 1 से 10 तक ↗  हिन्दी भाषा – साहित्य प्रश्नोत्तरी ↗  हिन्दी भाषा एवं साहित्य प्रश्नावली छायावाद : वस्तुनिष्ठ प्रश्न ↗  प्रयोगवाद वस्तुनिष्ठ प्रश्न ↗  भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र वस्तुनिष्ठ प्रश्न ↗  रस संप्रदाय वस्तुनिष्ठ प्रश्न ↗  वक्रोक्ति संप्रदाय वस्तुनिष्ठ … Read more

देवनागरी लिपि पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

हिन्दी वस्तुनिष्ठ प्रश्न

देवनागरी लिपि पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1:भारतीय संविधान में किन अनुच्छेदों में राजभाषा सम्बन्धी प्रावधानों का उल्लेख है? 1 343-351तक ✅2 434-315 तक3 443-135 तक4 334- 153 तक। 2 हिंदी खड़ी बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?1 मागधी2 अर्धमागधी3 शौरसेनी ✅4 ब्राचड़।✍✍✍✍✍✍3 वर्ष 1955 में गठित प्रथम राजभाषा आयोग के अध्यक्ष कौन थे?1 बी जी … Read more

हिंदी की संवैधानिक स्थिति

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राजभाषा की संवैधानिक स्थिति पर चर्चा करने से पहले हमें इतिहास के बारे में जानना होगा। राजभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति स्वतंत्र भारत के संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई और लगातार दो ढाई वर्ष तक संविधान निर्माण का कार्य चलता रहा। संविधान सभा में राजभाषा पर तीन दिन तक लंबी … Read more

वीरगाथा काल : हिन्दी साहित्य का इतिहास आचार्य रामचंद्र शुक्ल

हिन्दी साहित्य का आदिकाल

हमने हिंदी साहित्य की पाठ्य सामग्री को विशेष ध्यान देकर परीक्षा उपयोगी बनाई है। इस पोस्ट को बनाने में हमने ” पंडित आचार्य श्री रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित हिंदी साहित्य का इतिहास ग्रंथ ” की  पूरी मदद ली है । हमने कोशिश की है कि सार संक्षेप में आपको सामग्री उपलब्ध कराई जाए । फिर भी यदि हमसे कोई आवश्यक जानकारी छूट जाती है या  त्रुटि हो जाती है तो इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी रहेंगे। इसके अतिरिक्त आपकी परीक्षा तैयारी व परिणाम के लिए हम जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं।

हिंदी साहित्य का काल विभाग

हिन्दी साहित्य का इतिहास

हिंदी साहित्य का काल विभाग जब कि प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब होता है, तब यह निश्चित है कि जनता की चित्तवृत्ति के परिवर्तन के साथ साथ साहित्य के स्वरूप में भी परिवर्त्तन होता चला जाता है । आदि से अंत तक इन्हीं चित्तवृत्तियों की परंपरा को परखते … Read more

हिंदी कहानी के तत्व

हिंदी कहानी के तत्व 1. कथानककिसी प्रसंग का वर्णन करना इसमें जीवन के केवल एक अंश का वर्णन होता है इसमें किसी घटना का चित्रण भी शामिल होता है| 2. पात्र का चरित्र चित्रणकिसी भी कहानी में कई पात्र होते हैं यद्यपि पात्रों की संख्या सीमित होती है पात्र दो प्रकार के होते हैं वर्गीय … Read more

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