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हिंदी साहित्य
हिंदी साहित्य: हिंदी भारत और विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। उसकी जड़ें प्राचीन भारत की संस्कृत भाषा में तलाशी जा सकती हैं। परंतु हिन्दी साहित्य की जड़ें मध्ययुगीन भारत की अवधी, मागधी , अर्धमागधी तथा मारवाड़ी जैसी भाषाओं के साहित्य में पायी जाती हैं। हिंदी में गद्य का विकास बहुत बाद में हुआ। हिंदी ने अपनी शुरुआत लोकभाषा कविता के माध्यम से की। हिंदी का आरंभिक साहित्य अपभ्रंश में मिलता है।
रस निष्पत्ति
रस निष्पत्ति काव्य को पढ़कर या सुनकर और नाटक को देखकर सहृदय स्रोता पाठक या सामाजिक के चित्त में जो लोकोत्तर आनंद उत्पन्न होता है, वही रस है।
रस के प्रमुख आचार्य :-(1) उत्पत्तिवाद :- (2)अनुमितिवाद :-!-->!-->!-->!-->!-->…
हिन्दी की महिला उपन्यासकार एवं उपन्यास
हिन्दी की प्रथम महिला उपन्यासकार 'साध्वी सती प्राण अबला' को माना जाता है। इन्होंने सन् 1890 ई. में 'सुहासिनी' नामक उपन्यास लिखा।ब्रजरत्नदास अनुसार 'साध्वी सती प्राण अबला' का मूल नाम मल्लिका देवी था।
हिन्दी की महिला उपन्यासकार एवं!-->!-->!-->…
हिंदी डायरी साहित्य
हिन्दी डायरी विद्या का प्रवर्तन श्री राम शर्मा कृत 'सेवाग्राम की डायरी' (1946) से माना जाता है।
हिंदी डायरी साहित्य
हिंदी डायरी साहित्य
हिन्दी डायरी लेखक व डायरी निम्नलिखित हैं-
लेखकडायरीघनश्यामदास बिड़लाडायरी के!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
हिन्दी के प्रमुख उपन्यास और उनके प्रमुख पात्र
मनोहर श्याम जोशी अपने उपन्यासों को 'गप्प बाइस्कोप' कहते है।
'मुन्नी मोबाइल', 'तीसरी ताली' उपन्यास के लिए सन् 2012 का 'इन्दु अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान' प्रदान किया गया है।
'ग्लोबल गाँव का देवता' उपन्यास रणेन्द्र ने लिखा है। इसमें!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
अंधा युग गीतिनाट्य का कथासार
अंधा युग गीतिनाट्य का कथासार
स्थापना-
स्थापना के अन्तर्गत नाटककार ने मंगलाचरण, उद्घोषणा और अपनी कृति के वर्ण्य विषय का उल्लेख किया है। उद्घोषणा में उसने बताया है कि प्रस्तुत कृति का वर्ण्य विषय विष्णु पुराण से लिया गया है, जिसमें!-->!-->!-->!-->!-->…
उसमान जी का साहित्यिक जीवन परिचय
उसमान जी का साहित्यिक जीवन परिचय
उसमान जी का साहित्यिक जीवन परिचयउसमान जी की रचनाएँ उसमान जी साहित्य में स्थान
ये जहाँगीर के समय में वर्तमान थे और गाजीपुर के रहनेवाले थे. इनके पिता का नाम शेख हुसैन था और ये पाँच भाई थे. ये शाह!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
शेख नवी का साहित्यिक जीवन परिचय
शेख नवी का साहित्यिक जीवन परिचय
ये जौनपुर जिले में दोसपुर के पास मऊ नामक स्थान के रहने वाले थे और सन् 1619 में जहाँगीर के समय में वर्तमान थे.
शेख नवी जी की रचनाएँ
इन्होंने ‘ज्ञानदीप’ नामक एक आख्यान काव्य लिखा, जिसमें राजा!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
कासिमशाह का साहित्यिक परिचय
कासिमशाह का साहित्यिक परिचय
ये दरियाबाद (बाराबंकी) के रहने वाले थे और सन् 1731 के लगभग वर्तमान थे.
कासिमशाह जी की रचनाएँ
कृतियाँ — 1. हंस जवाहिर
कासिमशाह जी का लेखन कला
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार: इनकी रचना बहुत!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
विलियम वर्डसवर्थ पाश्चात्य काव्यशास्त्री
विलियम वर्डसवर्थ का संक्षिप्त जीवन वृत्त निम्नलिखित है-
जन्म-मृत्युजन्म-स्थानउपाधिमित्रअन्तिम संग्रह1770-1850इंग्लैण्डपोयटलारिएटकोलरिजद प्रिल्यूड
वर्डसवर्थ का प्रथम काव्य संग्रह 'एन इवनिंग वॉक एण्ड डिस्क्रिप्टव स्केचैज' सन् 1793!-->!-->!-->!-->!-->…
जॉन ड्राइडन पाश्चात्य काव्यशास्त्री
जॉन ड्राइडन पाश्चात्य काव्यशास्त्री
जॉन ड्राइडन कवि एवं नाटककार थे। इनकी प्रमुख कृति 'ऑफ ड्रमेटी पोइजी' (नाट्य-काव्य, 1668 ई०) है।जॉन ड्राइडन को आधुनिक अंग्रेजी गद्य और आलोचना दोनों का जनक माना जाता है।ड्राइडन ने 'ऑफ ड्रेमेटिक पोइजी' की!-->!-->!-->…