भाषा के अभिलक्षण

हिन्दी साहित्य

भाषा विज्ञान में भाषा से आशय है ‘ मनुष्य की भाषा ‘ तथा अभिलक्षण से तात्पर्य है  ‘ विशेषता ‘ या मूलभूत लक्षण किसी भी वस्तु के अभिलक्षण हुए हैं जो अन्य सभी प्राणियों की भाषा से उसे अलग करते हैं। भाषा के अभिलक्षण 1 यादृच्छिकता यादृच्छिकता का अर्थ है ‘ जैसी इच्छा ‘ या … Read more

भाषा की उत्पत्ति सिद्धांत (The Origin Theory of Language)

Bhasha vigyan

भाषाओं की उत्पत्ति (The Origin Theory of Language) के सम्बन्ध में सबसे प्राचीन मत यह है कि संसार की अनेकानेक वस्तुओं की रचना जहाँ भगवान ने की है । भाषा की उत्पत्ति संस्कृत के भाष शब्द से हुई जिसका अर्थ है बोलना, यानि जब हमने बोलना सीखा उसी समय भाषा का भी जन्म हो गया ।  भाषा की लिखित अभिव्यक्ति … Read more

भाषा की परिभाषा ( Definition of language )

Bhasha vigyan

भाषा की परिभाषा ( Definition of language in Hindi ) भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य बोलकर, सुनकर, लिखकर व पढ़कर अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान करता है।  दूसरे शब्दों में, जिसके द्वारा हम अपने भावों को लिखित अथवा कथित रूप से दूसरों को समझा सके और दूसरों के भावो को … Read more

हिंदी व्याकरण की परिभाषा,कार्य व विशेषताएं

हिंदी व्याकरण

हिंदी व्याकरण की परिभाषा,कार्य व विशेषताएं :भाषा की संरचना के ये नियम सीमित होते हैं और भाषा की अभिव्यक्तियाँ असीमित। एक-एक नियम असंख्य अभिव्यक्तियों को नियंत्रित करता है। भाषा के इन नियमों को एक साथ जिस शास्त्र के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है उस शास्त्र को व्याकरण कहते हैं। व्याकरण की परिभाषा – व्याकरण वह … Read more

शब्द शक्ति से तात्पर्य

हिंदी व्याकरण

भारतीय काव्यशास्त्र में शब्द-शक्तियों के विवेचन की एक सुदीर्घ और सुचिंतित परंपरा रही है। आचार्यों ने शब्द और अर्थ-चिंतन की परंपरा में दार्शनिकों के चिंतन के साथ-साथ व्याकरण के आचार्य चिंतन को प्रसंगानुसार ग्रहण किया है। भारतीय शब्द-शक्तियों के ढंग का क्रमबद्ध चिंतन पश्चिम में नहीं हुआ है। हाँ, वहाँ शब्द और अर्थ के विवेधन … Read more

भाषा संप्रेषण का स्वरूप स्पष्ट करें

भाषा विज्ञान और हिंदी भाषा

भाषा संप्रेषण का स्वरूप: भाषा का एक आंतरिक पक्ष है। भाषा एक रचना है। भाषा की व्याकरणिक रचना मन के जटिल भावों को एक-दूसरे पर प्रकट करने में सहायक है। इस दृष्टि से विचारों की अभिव्यक्ति यानी संप्रेषण की प्रक्रिया में भाषा को संरचना साधन का काम करती है। भाषा का एक बाह्य पक्ष है। … Read more

भाषा की संरचना एवं भाषिक आधार

भाषा विज्ञान और हिंदी भाषा

भाषा की संरचना एवं भाषिक आधार के इस पोस्ट के अध्ययन के पश्चात् सक्षम होंगे- भाषा की संरचना से परिचित होंगे। भाषा के आधार से अवगत होंगे। . भाषा की संरचना भाषा यादृच्छिक ध्वनि-प्रतीकों की संरचनात्मक व्यवस्था है। भाषा-संरचना का मूलाधार संरचनात्मक पद्धति है। जिस प्रकार भवन-रचना में ईंट सीमेंट लोहा. शक्ति अर्थात मजदूर और … Read more

भाषा के प्रकार्य

भाषा विज्ञान और हिंदी भाषा

इस पोस्ट में भाषा के प्रकार्य के बारें पढेंगे भाषा के प्रकार्य विचारों के आदान – प्रदान का महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के द्वारा मनुष्य अपनी अनुभूतियों (विचारों) तथा भावों को व्यक्त करता है। साथ ही सामाजिक संबंधों की अभिव्यक्ति का उपकरण भी उसे बनाता है। अपनी इस प्रकृति के कारण भाषा एक और मानसिक … Read more

भाषा की प्रकृति व विशेषताएँ

Bhasha vigyan

भाषा के सहज गुण-धर्म को भाषा की प्रकृति कहते हैं। इसे ही भाषा की विशेषता या लक्षण कह सकते हैं। भाषा-प्रकृति को दो भागों में विभक्त कर सकते हैं। भाषा की प्रथम प्रकृति वह है, जो सभी भाषाओं के लिए मान्य होती है। इसे भाषा की सर्वमान्य प्रकृति कह सकते हैं। द्वितीय प्रकृति वह है … Read more

भाषा की महत्त्व

भाषा विज्ञान और हिंदी भाषा

भाषा की महत्त्व एवं विशेषताएँ : मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज में रहने के नाते उसे आपस में सर्वदा ही विचार-विनिमय करना पड़ता है। कभी वह शब्दों या वाक्यों द्वारा अपने आपको प्रकट करता है। तो कभी सिर हिलाने से उसका काम चल जाता है। समाज के उच्च और शिक्षित वर्ग में लोगों को निमंत्रित … Read more

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