हिन्दी गद्य के विकास

हिन्दी गद्य के विकास के विभिन्न सोपान

अध्ययन की दृष्टि से हिंदी गद्य साहित्य के विकास को इस प्रकार विभाजित किया जा सकता है। हिन्दी गद्य के विकास को विभिन्न सोपानों में विभक्त किया जा सकता है-

(1) पूर्व भारतेंदु युग(प्राचीन युग): 13 वी सदी से 1868 ईस्वी तक.
(2) भारतेंदु युग(नवजागरण काल): 1868ईस्वी से 1900 ईस्वी तक।
(3) द्विवेदी युग: 1900 ईस्वी से 1922 ईस्वी तक.
(4) शुक्ल युग(छायावादी युग): 1922 ईस्वी से 1938 ईस्वी तक
(5) शुक्लोत्तर युग(छायावादोत्तर युग): 1938 ईस्वी से अब तक।

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