हिन्दी व्याकरण

पत्र-लेखन की परिभाषा

पत्र-लेखन की परिभाषा लिखित रूप में अपने मन के भावों एवं विचारों को प्रकट करने का माध्यम ‘पत्र’ हैं। ‘पत्र’ का शाब्दिक अर्थ हैं, ‘ऐसा कागज जिस पर कोई बात लिखी अथवा छपी हो’। पत्र के द्वारा व्यक्ति अपनी बातों को दूसरों तक लिखकर पहुँचाता हैं। हम पत्र को अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम भी …

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अनुच्छेद-लेखन (Paragraph Writing) की परिभाषा

अनुच्छेद-लेखन (Paragraph Writing) की परिभाषा किसी एक भाव या विचार को व्यक्त करने के लिए लिखे गये सम्बद्ध और लघु वाक्य-समूह को अनुच्छेद-लेखन कहते हैं।दूसरे शब्दों में- किसी घटना, दृश्य अथवा विषय को संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित ढंग से जिस लेखन-शैली में प्रस्तुत किया जाता है, उसे अनुच्छेद-लेखन कहते हैं। ‘अनुच्छेद’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Paragraph’ शब्द …

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शब्द (Etymology) की परिभाषा

शब्द (Etymology) की परिभाषा दो या दो से अधिक वर्णो से बने ऐसे समूह को ‘शब्द’ कहते है, जिसका कोई न कोई अर्थ अवश्य हो।दूसरे शब्दों में- ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णसमुदाय को ‘शब्द’ कहते है।इसे हम ऐसे भी कह सकते है- वर्णों या ध्वनियों के सार्थक मेल को ‘शब्द’ कहते है।जैसे- सन्तरा, कबूतर, …

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वाक्य विचार की परिभाषा भाग व भेद

वाक्य विचार की परिभाषा जिस शब्द समूह से वक्ता या लेखक का पूर्ण अभिप्राय श्रोता या पाठक को समझ में आ जाए, उसे वाक्य कहते हैं।दूसरे शब्दों में- विचार को पूर्णता से प्रकट करनेवाली एक क्रिया से युक्त पद-समूह को ‘वाक्य’ कहते हैं।सरल शब्दों में- वह शब्द समूह जिससे पूरी बात समझ में आ जाये, ‘वाक्य’ कहलाता …

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शब्द शक्ति (Word-Power) की परिभाषा

शब्द शक्ति (Word-Power) की परिभाषा शब्द का अर्थ बोध करानेवाली शक्ति ‘शब्द शक्ति’ कहलाती है।शब्द-शक्ति को संक्षेप में ‘शक्ति’ कहते हैं। इसे ‘वृत्ति’ या ‘व्यापार’ भी कहा जाता है। सरल शब्दों में- मिठाई या चाट का नाम सुनते ही मुँह में पानी भर आता है। साँप या भूत का नाम सुनते ही मन में भय का …

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वचन की परिभाषा, प्रकार व नियम

वचन की परिभाषा शब्द के जिस रूप से एक या एक से अधिक का बोध होता है, उसे हिन्दी व्याकरण में ‘वचन’ कहते है।दूसरे शब्दों में- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे ‘वचन’ कहते है।जैसे- फ्रिज में सब्जियाँ रखी हैं।तालाब में मछलियाँ तैर रही हैं।माली पौधे सींच रहा …

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निबन्ध लेखन की परिभाषा (Essay-writing)- प्रकार व विशेषताएं

निबन्ध लेखन की परिभाषा (Essay-writing) निबन्ध- अपने मानसिक भावों या विचारों को संक्षिप्त रूप से तथा नियन्त्रित ढंग से लिखना ‘निबन्ध’ कहलाता है।दूसरे शब्दों में- किसी विषय पर अपने भावों को पूर्ण रूप से क्रमानुसार लिपिबद्ध करना ही ‘निबंध’ कहलाता है। निबन्ध लिखना भी एक कला हैं। इसे विषय के अनुसार छोटा या बड़ा लिखा जा …

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हिन्दी व्याकरण: एकार्थक शब्द

हिन्दी व्याकरण: एकार्थक शब्द यहाँ कुछ प्रमुख एकार्थक शब्द दिया जा रहा है। ( अ ) अहंकार- मन का गर्व। झूठे अपनेपन का बोध।अनुग्रह- कृपा। किसी छोटे से प्रसत्र होकर उसका कुछ उपकार या भलाई करना।अनुकम्पा- बहुत कृपा। किसी के दुःख से दुखी होकर उसपर की गयी दया।अनुरोध- अनुरोध बराबरवालों से किया जाता है।अभिमान- प्रतिष्ठा में अपने को बड़ा और …

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हिन्दी व्याकरण: अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

हिन्दी व्याकरण: अनेक शब्दों के लिए एक शब्द भाषा की सुदृढ़ता, भावों की गम्भीरता और चुस्त शैली के लिए यह आवश्यक है कि लेखक शब्दों (पदों) के प्रयोग में संयम से काम ले, ताकि वह विस्तृत विचारों या भावों को थोड़े-से-थोड़े शब्दों में व्यक्त कर सके। समास, तद्धित और कृदन्त वाक्यांश या वाक्य एक शब्द …

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रस (Sentiments) की परिभाषा

रस (Sentiments) की परिभाषा साहित्य को पढ़ने, सुनने या नाटकादि को देखने से जो आनन्द की अनुभूति होती है, उसे रस कहते हैं। रस का शाब्दिक अर्थ है ‘आनंद’। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनंद की अनुभूति होती है,उसे ‘रस’ कहा जाता है। भोजन रस के बिना यदि नीरस है, औषध रस के …

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