हिन्दी पद्य साहित्य

हिंदी साहित्य में नवगीत

हिंदी साहित्य में नवगीत, हिन्दी काव्य-धारा की एक नवीन विधा है। इसकी प्रेरणा सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई और लोकगीतों की समृद्ध भारतीय परम्परा से है।

हिंदी साहित्य के प्रमुख नवगीतकार में सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, ठाकुर प्रसाद सिंह, शान्ति सुमन, माहेश्वर तिवारी, सुभाष वशिष्ठ और कुमार रवीन्द्र नाम प्रमुख हैं .

“नवगीत” एक यौगिक शब्द है जिसमें नव (नयी कविता) और गीत (गीत विधा) का समावेश है।

नवगीत विधा

  • नवगीत में एक मुखड़ा और दो या तीन अंतरे होने चाहिये।
  • अंतरे की अंतिम पंक्ति मुखड़े की पंक्ति के समान (तुकांत) हो जिससे अंतरे के बाद मुखड़े की पंक्ति को दोहराया जा सके।
  • नवगीत में छंद से संबंधित कोई विशेष नियम नहीं है मगर पंक्तियों में मात्राएँ संतुलित रहे जिससे गेयता और लय में रुकावट न पड़े।

नवगीत की महत्वपूर्ण पुस्तकें

  • गीतांगिनी (सम्पादक: राजेन्द्र प्रसाद सिंह)1958.
  • पाँच जोड़ बाँसुरी,(सम्पादक:ठाकुर प्रसाद सिंह
  • ओ प्रतिक्षित – डाॅं शान्ति सुमन , 1970
  • हिन्दी नवगीत उद्भव और विकास, लेखक- डा॰ राजेन्द्र गौतम
  • नवगीत का विकास और राजेंद्र प्रसाद सिंह: डॉ.रवि रंजन
  • नवगीत दशक (1,2,3 )
  • यात्रा में साथ साथ
  • नवगीत एकादश(1994)
  • धार पर हम
  • शब्दायन
  • गीत वसुधा
  • आओ खुली बयार
  • रात आंख मूंदकर जगी
  • भरी सड़क पर
  • नवगीत २०१३
  • समकालीन छंद प्रसंग(2013)
  • अनुभव की सीढ़ी (2014)
  • नई सदी के नवगीत (2018)

हिंदी में लोकगीत परंपरा का आरंभ राजेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा सन् 1958 में संपादित गीतांगिनी शीर्षक नवगीत संस्करण से माना जाता है।

डॉ गणपति चंद्रगुप्त ने राजेंद्र प्रसाद सिंह को हिंदी नवगीत का प्रवर्तक माना है।

नवगीत का अर्थ

वीरेन्द्र मिश्र – ” नवगीत आस्थाशील अनुभूतियों का निबन्ध समवेत स्वर है उमाकांत मालवीय” नवगीत काव्य जगत में व्याप्त अराजकता के का जयघोष है।” रवीन्द्र भ्रमर” नवगीत रागात्मक चेतना का पर्याय है।”

माहेश्वर तिवारी – ” नवगीत अपने समय की आधुनिकता बोध से सम्पन्न संपृक्त छांदसिक रचना है।”

श्रीकृष्ण तिवारी – ” नवगीत हिन्दी कविता की खोई हुई अस्मिता की तलाश है। सोम ठाकुर – ” नवगीत सामाजिक पलायन के विरुद्ध है। वह व्यवस्था में हुआ, भीड़ की तरह हर इकाई को सुनता है और उसकी आवाज पर पूरे दायित साथ क्रियाशील रहता है।”

हिन्दी के प्रमुख नवगीतकार

सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, [राजेन्द्र प्रसाद सिंह, ठाकुर प्रसाद सिंह, शान्ति सुमन, माहेश्वर तिवारी, सुभाष वशिष्ठ, कुमार रवीन्द्र

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