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देवनागरी लिपि

देवनागरी लिपि पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

देवनागरी लिपि पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न हिन्दी वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1:भारतीय संविधान में किन अनुच्छेदों में राजभाषा सम्बन्धी प्रावधानों का उल्लेख है?1 343-351तक ✅2 434-315 तक3 443-135 तक4 334- 153 तक। 2 हिंदी खड़ी बोली किस अपभ्रंश से

भाषा विज्ञान, हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

भाषा विज्ञान, हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि प्रश्न 1 "मनुष्य और मनुष्य के बीच वस्तुओं के विषय में अपनी इच्छा और मति के आदान प्रदान करने के लिए व्यक्त ध्वनि संकेतों का जो व्यवहार होता है उसे भाषा कहते हैं।"* उक्त परिभाषा किस विद्वान की

देवनागरी लिपि का स्वरूप,गुण,दोष,सुधार

देवनागरी लिपि का स्वरूप,गुण,दोष,सुधार देवनागरी लिपि का स्वरूप यह लिपि बायीं ओर से दायीं ओर लिखी जाती है। जबकि फारसी लिपि (उर्दू, अरबी, फारसी भाषा की लिपि) दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती है। यह अक्षरात्मक लिपि (Syllabic script) है

देवनागरी लिपि का विकास

उच्चरित ध्वनि संकेतों की सहायता से भाव या विचार की अभिव्यक्ति 'भाषा' कहलाती है जबकि लिखित वर्ण संकेतों की सहायता से भाव या विचार की अभिव्यक्ति लिपि। भाषा श्रव्य होती है जबकि लिपि दृश्य। भारत की सभी लिपियाँ ब्राह्मी लिपि से ही

देवनागरी लिपि की विशेषताएँ

देवनागरी लिपि की विशेषताएँ देवनागरी लिपि की निम्रांकित विशेषताएँ हैं- (1) आ (ा), ई (ी), ओ (ो) और औ (ौ) की मात्राएँ व्यंजन के बाद जोड़ी जाती हैं (जैसे- का, की, को, कौ); इ (ि) की मात्रा व्यंजन के पहले, ए (े) और ऐ (ै) की मात्राएँ

देवनागरी लिपि का विकासक्रम

ब्राह्मी लिपि से वर्तमान देवनागरी लिपि का विकासक्रम ब्राह्मी: उत्तरी शैली- गुप्त लिपि, कुटिल लिपि, शारदा लिपि, प्राचीन नागरी लिपिप्राचीन नागरी लिपि: पूर्वी नागरी- मैथली, कैथी, नेवारी, बँगला, असमिया आदि। पश्चिमी नागरी-

हिन्दी में लिपि चिह्न

देवनागरी के वर्णो में ग्यारह स्वर और इकतालीस व्यंजन हैं। व्यंजन के साथ स्वर का संयोग होने पर स्वर का जो रूप होता है, उसे मात्रा कहते हैं; जैसे- अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औा ि ी ु ू ृ े ै ो ौक का कि की कु कू के कै को कौ देवनागरी लिपि

देवनागरी लिपि का नामकरण

देवनागरी का नामकरण विवादास्पद है। नागरी लिपि के आठवीं, नौवीं शताब्दी के रूप को ‘प्राचीन नागरी’ नाम दिया गया है। दक्षिण भारत के विजय नगर के राजाओं के दान-पात्रों पर लिखी हुई नागरी लिपि का नाम ‘नंदिनागरी’ दिया गया है। भाषाविज्ञानियों