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हिंदी साहित्य का उपन्यास

हिंदी उपन्यास का विकास

हिंदी उपन्यास का विकास हिंदी उपन्यास का आरम्भहिंदी के प्रारंभिक उपन्यासप्रेमचंद पूर्व उपन्यास { प्रथम उत्थान }प्रेमचंद युग { द्वितीय उत्थान }प्रेमचंदोत्तर युग { तृतीय उत्थान }आधुनिकता बोध के उपन्यास { चतुर्थ उत्थान }महिला

मैला आँचल – फणीश्वरनाथ ‘रेणु’

फणीश्वर नाथ ' रेणु ' का जन्म 4 मार्च 1921 को बिहार के अररिया जिले में फॉरबिसगंज के पास औराही हिंगना गाँव में हुआ था। उस समय यह पूर्णिया जिले में था। उनकी शिक्षा भारत और नेपाल में हुई। प्रारंभिक शिक्षा फारबिसगंज तथा अररिया में पूरी करने के…

गोदान उपन्यास – प्रेमचंद

गोदान प्रेमचंद का हिंदी उपन्यास है जिसमें उनकी कला अपने चरम उत्कर्ष पर पहुँची है। गोदान में भारतीय किसान का संपूर्ण जीवन - उसकी आकांक्षा और निराशा, उसकी धर्मभीरुता और भारतपरायणता के साथ स्वार्थपरता ओर बैठकबाजी, उसकी बेबसी और

आषाढ़ का एक दिन नाटक का परिचय

आषाढ़ का एक दिन एक त्रिखंडीय नाटक है। आषाढ़ का एक दिन कथानक :- प्रथम खंड :- प्रथम खंड में युवक कालिदास अपने हिमालय में स्थित गाँव में शांतिपूर्वक जीवन गुज़़ार रहा है और अपनी कला विकसित कर रहा है। वहाँ उसका एक युवती, मल्लिका, के

हिंदी साहित्य के उपन्यासकार

हिंदी साहित्य के उपन्यासकार श्रद्धाराम फिल्लौरी- भाग्यवती (1877) लाला श्रीनिवासदास- परीक्षागुरू (1882) बालकृष्ण भट्ट- रहस्य कथा,नूतन ब्रह्मचारी, सौ अजान एक सुजान भारतेंदु हरिश्चंद्र -पूर्ण प्रकाश,