प्रमुख नाटककार के नाटक

हिन्दी नाटक

प्रमुख नाटककार के नाटक भीष्म साहनी के नाटक 1-हानूश (1977) 2-कबिरा खड़ा बाजार में(1981) 3-माधवी (1985) 4-मुआवजे (1993) 5-रंग दे बसंती चोला (1998) 6-आलमगीर (1999) जगदीश चंद्र माथुर के नाटक 1-कोणार्क (1951) 2-शारदीया(1959) 3-पहला राजा (1969) 4-दशरथनंदन (1974) 5-रघुकुल रीति (1985) लक्ष्मीनारायण लाल के नाटक 1-अंधा कुआँ(1955) 2-मादा कैक्टस (1959) 3-तीन आँखों वाली मछली (1960) … Read more

जयशंकर प्रसाद जी की नाट्य-रचनाएं

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जयशंकर प्रसाद जी की नाट्य-रचनाएं सज्जन (1910) : महाभारत के कथानक को लेकर रचा गया नाटक। गंधर्व चित्रसेन दुर्योधन को उसके मित्रों सहित बन्दी बनाता है। युधिष्ठिर के कहने पर अर्जुन चित्रसेन से युद्ध करने जाता है। चित्रसेन मित्र अर्जुन को पहचान लेता है और दुर्योधन को छोड़ देता है। इसमें भारतेन्दु काल की नाट्य-शैली अपनाई … Read more

चन्द्रगुप्त नाटक के पात्र

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चन्द्रगुप्त नाटक के पात्र चाणक्य (विष्णुगुप्त) : मौर्य्य साम्राज्य का निर्माताचन्द्रगुप्त : मौर्य्यःसम्राट्नन्द : मगधःसम्राट्राक्षस : मगध का अमात्यवररुचि (कात्यायन) : मगध का अमात्यशकटार : मगध का मंत्रीआम्भीक : तक्षशिला का राजकुमार सिंहरण : मालव गणमुख्य का कुमार पर्वतेश्वर : पंजाब का राजा (पोरस)सिकन्दर : ग्रीक विजेताफिलिप्स : सिकन्दर का क्षत्रप मौर्य्य-सेनापति : चन्द्रगुप्त का पिता एनीसाक्रीटीज : सिकन्दर … Read more

चंद्रगुप्त नाटक से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

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चंद्रगुप्त नाटक से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की थीम उठायी गयी है। ‘चन्द्रगुप्त’, जय शंकर प्रसाद जी द्वारा लिखित नाटक है यह नाटक ‘चन्द्रगुप्त मौर्य’ के उत्थान के साथ-साथ उस समय के महाशक्तिशाली राज्य ‘मगध’ के राजा … Read more

भारतेंदु युग के नाटक

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भारतेंदु युग के नाटक प्राणचंद चौहान-रामायण महानाटक। महाराज विश्वनाथ सिंह-आनंद रघुनंदन गोपालचंद्र गिरिधर दास-नहुष भारतेंदु हरिश्चंद्र-विद्यासुंदर, रत्नावली, पाखण्ड विडंबन, धनंजय विजय, कर्पूर मंजरी, भारत-जननी, मुद्राराक्षस, दुर्लभ बंधु (उपर्युक्त सभी अनूदित); वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, सत्य हरिश्चंद्र, श्रीचन्द्रावली, विषस्य विषमौषधम, भारत-दुर्दशा, नीलदेवी, अँधेरे नगरी, सती प्रताप, प्रेम योगिनी (मौलिक) शिवनंदन सहाय– कृष्ण-सुदामा नाटक लाला श्रीनिवासदास-संयोगिता … Read more

हिन्दी नाटक का विकास

हिन्दी नाटक का विकास भारतेंदु युग (प्रथम उत्थान) द्विवेदी युग (द्वितीय उत्थान) प्रसाद युग (तृतीय उत्थान ) प्रसादोत्तर नाटक (चतुर्थ उत्थान ) समकालीन नाटक ( पंचम उत्थान)

हिंदी नाटक का विकास

हिन्दी नाटक

हिंदी नाटक का विकास हिंदी नाटक विधा का आरंभ हिंदी नाट्य साहित्य का विकास जयशंकर प्रसाद जी को केंद्र में रखकर हिंदी नाट्य साहित्य को हम विभिन्न युगों में बांट सकते हैं। १  प्रसाद पूर्व हिंदी नाटक  २ प्रसाद युगीन हिंदी नाटक  ३ प्रसादोत्तर स्वतंत्रता पूर्व हिंदी नाटक  ४ स्वतंत्र्योत्तर हिन्दी नाटक प्रसाद पूर्व हिंदी … Read more

प्रसाद व प्रसादोत्तर नाटक और नाटककार

प्रसाद व प्रसादोत्तर नाटक और नाटककार माखनलाल चतुर्वेदी/कृष्णार्जुन युद्ध वृंदावनलाल वर्मा/सेनापति ऊदल मिश्रबंधु/नेत्रोन्मीलन जयशंकर प्रसाद/करुणालय, सज्जन, कामना, विशाख, कल्याणी परिणय, अजातशत्रु, एक घूँट, प्रायश्चित, चंद्रगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी हरिकृष्ण ‘प्रेमी’/स्वर्णविहान, रक्षाबंधन, साँपों की सृष्टि, पाताल विजय, शिवसाधना, स्वप्नभंग, विषपान, अमृत पुत्री, उद्धार, प्रतिशोध लक्ष्मीनारायण मिश्र/अशोक, संन्यासी, आधी रात, मुक्ति का रहस्य, राक्षस का … Read more

प्रसाद युग के नाटककार

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प्रसाद युग के नाटककार माखनलाल चतुर्वेदी –कृष्णार्जुन युद्ध वृंदावनलाल वर्मा –नापति ऊदल मिश्रबंधु –नेत्रोन्मीलन जयशंकर प्रसाद –करुणालय, सज्जन, कामना, विशाख, कल्याणी परिणय, अजातशत्रु, एक घूँट, प्रायश्चित, चंद्रगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी हरिकृष्ण ‘प्रेमी’- स्वर्णविहान, रक्षाबंधन, साँपों की सृष्टि, पाताल विजय, शिवसाधना, स्वप्नभंग, विषपान, अमृत पुत्री, उद्धार, प्रतिशोध लक्ष्मीनारायण मिश्र- अशोक, संन्यासी, आधी रात, मुक्ति … Read more

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