हिंदी कहानी के तत्व

हिंदी कहानी के तत्व 1. कथानककिसी प्रसंग का वर्णन करना इसमें जीवन के केवल एक अंश का वर्णन होता है इसमें किसी घटना का चित्रण भी शामिल होता है| 2. पात्र का चरित्र चित्रणकिसी भी कहानी में कई पात्र होते हैं यद्यपि पात्रों की संख्या सीमित होती है पात्र दो प्रकार के होते हैं वर्गीय … Read more

हिन्दी कहानी का विकास

hindi sahitya notes

विषय — हिन्दी कहानी का विकास Q.1 हिन्दी कहानी का उद्भव किस युग से माना जाता है (अ)प्रसाद युग(ब)प्रसादोत्तर युग (स) शुक्ल युग(द)शुक्लोत्तर युग✔Q.2 दामुल का कैदी कहानी के लेखक हैं ?(अ)यशपाल (ब)प्रेमचन्द (स)जयशंकर प्रसाद (द)धर्मवीर भारतीQ.3 पत्नी कहानी के लेखक हैं?(अ)भीष्म साहनी (ब)इला चन्द्र जोशी (स)जैनेंद्र (द)सुदर्शनQ.4 हिन्दी का कौन सा कहानीकार ‘नवाबराय’ के … Read more

प्रेमचन्द की कहानियाँ : कालक्रमानुसार

प्रेमचन्द की कहानियाँ दुनिया का सबसे अनमोल रतन (ज़माना, 1907) 1907 रूठी रानी (ज़माना, अप्रैल-अगस्त 1907) 1908 सांसारिक प्रेम और देश प्रेम (‘जमाना’, अप्रैल 1908) 1908 यही मेरी मातृभूमि है (सोज़े-वतन, जून 1908, हिन्दी गुप्त धन 1962) 1908 शैख़ मख़मूर (सोज़े-वतन, जून 1908, गुप्त धन 1962)) 1908 शोक का पुरस्कार (सोज़े-वतन, मूल शीर्षक ‘सिला-ए-मातम’, जून … Read more

हिन्दी साहित्य के प्रमुख कहानीकार एवं उनके कहानी/कहानी-संग्रह

हिन्दी साहित्य के प्रमुख कहानीकार इंशाअल्ला खाँ –रानी केतकी की कहानी राजा शिवप्रसाद ‘सितारे-हिंद’- राजा भोज का सपना भारतेंदु -अदभुत अपूर्व सपना राजा बाला घोष (बंगमहिला) -दुलाईवाली किशोरीलाल गोस्वामी -इंदुमती, गुलबहार माधवप्रसाद मिश्र –मन की चंचलता भगवानदीन -प्लेग की चुड़ैल रामचंद्र शुक्ल –ग्यारह वर्ष का समय राधिकारमण प्रसाद सिंह -कानों में कंगना चंद्रधारी शर्मा गुलेरी … Read more

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