कक्षा 5 हिन्दी

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पत्र कक्षा 5 हिन्दी

पत्र कक्षा 5 हिन्दी 132, सी-1 शाहदरा दिल्ली 20 नवम्बर 2010 प्रिय मीना, नमस्ते। बड़े दिन की छुट्टियाँ होने वाली हैं। तुम कुछ दिनों के लिए दिल्ली अवश्य आना। तुम्हें याद होगा कि पिछले वर्ष हमने कितनी मौज-मस्ती से छुट्टियाँ बिताई थीं। अप्पूघर, चिड़ियाघर, गुड़ियाघर की सैर करने में कितना मजा आया था। हम लाल …

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मैं अमर शहीदों का चारण -श्रीकृष्ण ‘सरल’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी

मैं अमर शहीदों का चारण -श्रीकृष्ण ‘सरल’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी मैं अमर शहीदों का चारणउनके गुण गाया करता हूँजो कर्ज राष्ट्र ने खाया है,मैं उसे चुकाया करता हूँ। यह सच है, याद शहीदों कीहम लोगों ने दफनाई हैयह सच है, उनकी लाशों परचलकर आज़ादी आई है,उन गाथाओं से सर्द खून को मैं गरमाया करता …

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घी गुड़ और शहद देनेवाला वृक्ष (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

घी गुड़ और शहद देनेवाला वृक्ष आओ तुम्हारा परिचय घी गुड़ और शहद देनेवाले एक विचित्र वृक्ष से करवाएँ। उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसा वृक्ष पाया जाता है जो घी गुड़ तथा शहद देता है। इसके अलावा यह वृक्ष फल औषधि जानवरों के लिए चारा ईंधन और कीड़ों व चूहों को मारने के …

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सोन के फर (कहानी) कक्षा 5 हिन्दी

सोन के फर (कहानी) गजब दिन के बात आय। एक ठन गाँव रहिस। इहाँ के आदमी मन खेती-किसानी के बुता करें। जेकर खेत खार नइ रहँय, ओमन छेरी-पठरू अउ गाय गरुवा राखे रहँय। उही मन ल चरावय । दूध-दही, गोबर, छेना बेच के अपन गुजर-बसर करें । इही गाँव म सुखराम नाँव के मनखे रहिस। …

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मैं सड़क हूँ (आत्मकथा) कक्षा 5 हिन्दी

मैं सड़क हूँ (आत्मकथा) जी हाँ! मैं सड़क हूँ। मिट्टी, पत्थर और डामर से बनी। एक बड़े अजगर की तरह मैदानों, जंगलों, पहाड़ों के बीच से गुजरती हुई। पेड़ों की छाया के नीचे से होकर मैदानों को पार करती हुई, गाँवों को शहरों से जोड़ती हूँ। मेरी उम्र कितनी है, यह मुझे भी याद नहीं। …

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रोबोट (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

रोबोट (निबंध) आज राहुल का जन्मदिन है। सुबह से ही वह बहुत व्यस्त एवं खुश नजर आ रहा है। सुबह वह जल्दी उठ गया। आज उसने जल्दी स्नान भी कर लिया। अपने जन्मदिन पर उसने अपने मित्रों को भी बुला रखा है। जन्मदिन की पार्टी तो शाम को होने वाली है किन्तु उसके कुछ विशेष …

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जीवन के दोहे ठाकुर जीवन सिंह कक्षा 5 हिन्दी

जीवन के दोहे ठाकुर जीवन सिंह धुर्रा- माटी ल घलो, कभू न समझैं नीच । पालन-पोसन इहि करय, कमल फुलय इहि कीच ।। चारी चुगली ल समझ, खजरी, खसरा रोग । खजुवावत सुख होत हे पाछू दुख ला भोग ।। टीका-बाना के धरे, होत न कोनो संत । भीतर तो महुरा भरे, बाहिर बने महंत …

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हार नहीं होती -हरिवंशराय ‘बच्चन’ (कविता) कक्षा 5 हिन्दी

हार नहीं होती लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती।नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है,मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है, आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती। डुबकियाँ सिंधु में गोताखोर …

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राष्ट्र- प्रहरी (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी

राष्ट्र- प्रहरी (निबंध) कक्षा 5 हिन्दी राष्ट्रप्रहरी अक्षय दूरदर्शन पर 26 जनवरी की परेड देख रहा था। जैसे ही थलसेना की टुकड़ी के सैनिक अपनी वर्दी में कदम-से-कदम मिलाते हुए आगे आए, अक्षय की आँखें चमक उठीं। कतारों में चलते घोड़ों और ऊँटों पर बैठे सैनिकों की शान ही निराली थी। अक्षय को एक के …

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मस्जिद या पुल (कहानी) सुनीति कक्षा 5 हिन्दी

मस्जिद या पुल दीन-ए-इलाही, गरीब नवाज़ शहंशाह-ए-आलम, महान बादशाह अकबर की अगवानी में जौनपुर के सूबेदार मुबारक खान ने जमीन-आसमान एक कर दिया। यह उसकी बरसों पुरानी साध थी। बरसों से वह लगातार बादशाह को जौनपुर आने के लिए न्यौते पर न्यौता देता चला आ रहा था, मगर बादशाह की जान को बड़े झमेले थे। …

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