शरीर की रचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई कोशिका कक्षा 8 वीं विज्ञान अध्याय 7

महत्वपूर्ण बिन्दु

  • जीवों का शरीर छोटी-छोटी इकाइयों से मिलकर बना होता है। इन इकाइयों को कोशिका कहते हैं।
  • कोशिका कण आकार में भिन्न-भिन्न होती है। कुछ जीव केवल एक ही कोशिका के होते हैं जैसे—अमीबा, पैरामीशियम ।
  • कोशिका जीव शरीर की रचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई होती है।
  • पादप एवं जंतु कोशिका में जीवद्रव्य के चारों तरफ एक पतली झिल्ली होती है जो लचीली होती है इसे प्लाज्मा झिल्ली कहते हैं।
  • पादप कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली के बाहर भी एक आवरण होता है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं। इसी की वजह से पादप कोशिका का आकार निश्चित होता है।
  • कोशिका की खोज राबर्ट हुक ने 1665 में की थी।
  • जीवद्रव्य जीवन का भौतिक आधार है।
  • केंद्रक और प्लाज्मा झिल्ली के मध्य पाया जाने वाला जेली जैसी रचना कोशिका द्रव्य कहलाती है।
  • कोशिका द्रव्य में माइटोकॉण्डिया, सेंट्रोसोम, गाल्गीवाडी, रिक्तिकाएँ, राइबोसोम, एंडोप्लाज्मिक रेटीकुलम जैसी रचनायें होती हैं इन्हें कोशिकांग कहते हैं। इन्हें धारण करने वाली कोशिकायें यूकैरियोटिक कोशिकाएँ कहलाती हैं। इनमें सुविकसित केंद्रक भी होता है।
  • पादप कोशिका में एक विशेष कोशिकांग लवक (क्लोरोप्लास्ट) होता है जो इन्हें स्वपोषी बनाता है।
  • कोशिका के मध्य घनी गोलाकार रचना होती है जो पूरे कोशिका का नियंत्रण करती है नाभिक या केंद्रक कहलाता है।
  • नील हरित शैवाल एवं बैक्टीरिया (जीवाणु) की कोशिकाएँ प्रोकैरियोटिक कोशिका कहलाती है क्योंकि इनमें नाभिक, माइटोकॉण्ड्रिया, गाल्गीकाय, सेंट्रीसोम, एंडोप्लास्मिक रेटीकुलम नहीं पाया जाता।
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