मुकुटधर पाण्डेय का साहित्यिक परिचय

मुकुटधर पाण्डेय जी का साहित्यिक जीवन परिचय

छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के एक छोटे से गाँव बालपुर में 30 सितम्बर सन् 1895 ई० को हुआ। वे अपने आठ भाईयों में सबसे छोटे थे। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में ही हुई। इनके पिता पं.चिंतामणी पाण्डेय संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे और भाइयों में पं० लोचन प्रसाद पाण्डेय जैसे हिन्दी के ख्यात साहित्यकार थे। बाल्‍यकाल में ही पिता की मृत्यु हो जाने पर बालक मुकुटधर पाण्डेय के मन में गहरा प्रभाव पड़ा किन्तु वे अपनी सृजनशीलता से विमुख नहीं हुए।

उनका निधन 6 नवम्बर 1989 को हुआ।

मुकुटधर पाण्डेय जी की रचनाएँ

पूजाफूल (1916), शैलबाला (1916), लच्छमा (अनूदित उपन्यास, 1917), परिश्रम (निबंध, 1917), हृदयदान (1918), मामा (1918), छायावाद और अन्य निबंध (1983), स्मृतिपुंज (1983), विश्वबोध (1984), छायावाद और श्रेष्ठ निबंध (1984), मेघदूत (छत्तीसगढ़ी अनुवाद, 1984)

मुकुटधर पाण्डेय जी साहित्य में स्थान

हिन्‍दी के विकास में योगदान के लिये इन्हें विभिन्न अलंकरण एवं सम्मान प्रदान किये गये। भारत सरकार द्वारा इन्हें सन् 1976 में `पद्म श्री’ से नवाजा गया। पं० रविशंकर विश्‍वविद्यालय द्वारा भी इन्हें मानद डी लिट की उपाधि प्रदान की गई।

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