हिन्दी व्याकरण

हिंदी व्याकरण

लिंग की परिभाषा भेद व पहचान

लिंग की परिभाषा “संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की नर या मादा जाति का बोध हो, उसे व्याकरण में ‘लिंग’ कहते है।दूसरे शब्दों में-संज्ञा शब्दों के जिस रूप से उसके पुरुष या स्त्री जाति होने का पता चलता है, उसे लिंग कहते है।सरल शब्दों में- शब्द की जाति को ‘लिंग’ कहते है। जैसे-पुरुष …

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कारक की परिभाषा, भेद व विभक्ति चिन्ह

कारक की परिभाषा संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका (संज्ञा या सर्वनाम का) सम्बन्ध सूचित हो, उसे (उस रूप को) ‘कारक’ कहते हैं।अथवा- संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उनका (संज्ञा या सर्वनाम का) क्रिया से सम्बन्ध सूचित हो, उसे (उस रूप को) ‘कारक’ कहते हैं। इन …

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वचन की परिभाषा, प्रकार व नियम

वचन की परिभाषा शब्द के जिस रूप से एक या एक से अधिक का बोध होता है, उसे हिन्दी व्याकरण में ‘वचन’ कहते है।दूसरे शब्दों में- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे ‘वचन’ कहते है।जैसे- फ्रिज में सब्जियाँ रखी हैं।तालाब में मछलियाँ तैर रही हैं।माली पौधे सींच रहा …

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निबन्ध लेखन की परिभाषा (Essay-writing)- प्रकार व विशेषताएं

निबन्ध लेखन की परिभाषा (Essay-writing) निबन्ध- अपने मानसिक भावों या विचारों को संक्षिप्त रूप से तथा नियन्त्रित ढंग से लिखना ‘निबन्ध’ कहलाता है।दूसरे शब्दों में- किसी विषय पर अपने भावों को पूर्ण रूप से क्रमानुसार लिपिबद्ध करना ही ‘निबंध’ कहलाता है। निबन्ध लिखना भी एक कला हैं। इसे विषय के अनुसार छोटा या बड़ा लिखा जा …

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हिन्दी व्याकरण: एकार्थक शब्द

हिन्दी व्याकरण: एकार्थक शब्द यहाँ कुछ प्रमुख एकार्थक शब्द दिया जा रहा है। ( अ ) अहंकार- मन का गर्व। झूठे अपनेपन का बोध।अनुग्रह- कृपा। किसी छोटे से प्रसत्र होकर उसका कुछ उपकार या भलाई करना।अनुकम्पा- बहुत कृपा। किसी के दुःख से दुखी होकर उसपर की गयी दया।अनुरोध- अनुरोध बराबरवालों से किया जाता है।अभिमान- प्रतिष्ठा में अपने को बड़ा और …

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विराम चिन्ह (Punctuation Mark) की परिभाषा

विराम चिन्ह (Punctuation Mark) की परिभाषा भित्र-भित्र प्रकार के भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग वाक्य के बीच या अंत में किया जाता है, उन्हें ‘विराम चिह्न’ कहते है।दूसरे शब्दों में- विराम का अर्थ है – ‘रुकना’ या ‘ठहरना’ । वाक्य को लिखते अथवा बोलते समय बीच में कहीं थोड़ा-बहुत …

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वर्ण की परिभाषा भाग व भेद

वर्ण की परिभाषा- वर्ण(Phonology)- वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खंड या टुकड़े नहीं किये जा सकते।इसे हम ऐसे भी कह सकते हैं- वह सबसे छोटी ध्वनि जिसके और टुकड़े नहीं किए जा सकते, वर्ण कहलाती है। दूसरे शब्दों में- भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है। और इस ध्वनि को वर्ण कहते है।जैसे- अ, ई, …

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हिन्दी व्याकरण – पर्यायवाची शब्द

हिन्दी व्याकरण – पर्यायवाची शब्द (Synonyms Words)की परिभाषा ‘पर्याय’ का अर्थ है- ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है- ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं। इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है। दूसरे अर्थ …

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उपसर्ग की परिभाषा (Prefixes)

उपसर्ग की परिभाषा (Prefixes) उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते है, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है।दूसरे शब्दों में– ”उपसर्ग वह शब्दांश या अव्यय है, जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में (मूल शब्द के अर्थ में) विशेषता ला दे या उसका अर्थ ही बदल …

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प्रत्यय (Suffix)की परिभाषा

प्रत्यय (Suffix)की परिभाषा जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय कहलाते है।दूसरे अर्थ में- शब्द निर्माण के लिए शब्दों के अंत में जो शब्दांश जोड़े जाते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय दो शब्दों से बना है- प्रति+अय। ‘प्रति’ का अर्थ ‘साथ में, ‘पर बाद में’ है और ‘अय’ का अर्थ …

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