भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार की विधि (Flag Ceremony)

इस पोस्ट में आप भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार की विधि (Flag Ceremony) के बारे में जानेंगे

भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार की विधि (Flag Ceremony) - hFoch3bzc9zScKQ7e9myv rWKiE7nqLGVk1sep1f3hMAbkH3UcEnpw336UxBC9YVyJR9HdjJefZGlORmW GEtSFxFiWJCkcQjhjhJ7OYxw7WZU2eg51OV EE8Gnhll4t7Z9fZxT JJ5HWtnU6Gq6RUHTE6XjsN6i98fJH8xe4jqG8S3lPjlaMN8 m3BZSlPm7bb2YyfCeUOS14Cw401YZiKdD1a3rH2Lx WOuxEAd5D3OByZc6tn kOuen hLH3eZBaXo8cIPpRbIhF7NZD2Rn HCaDk03vxbWwbHMukb7pGlNX C0KeWjSELY2Q2Tt3IylvZfvO97ODLCrhZ3b3GqqBGYwJBA9zotHMN1ieAgVIjYFR1Bs1yL4tQUs Fj5Ls3ZKl5pzRBPYzgwPyNytCMGZbiyyuEYlWbdEmHqHXakVrw Blhoz 3qdPs5L 49YEwfOA4iQIquxINVTK0ClDGeZgYsRq8aUtIo93 FI3ABFAW1kcUqrcj CikaFRKBoOWs7fjUkJvAEWChDNget7kP2sr zC1Px9e4jl7vGrQcwlET3Zaey ar QOKgOYsVf7sSuCitOOVTLHdQwoFIi 8au pyWzytWe4IJzzP ETylEnZbVsufJpLz8JobIvB4tnQfoD gDMgaytM0it9KcVfSSuiYURemyrbokP4ZhpuVIz7EftZjGvKyCiU0fG8Gz70M6M4yFyLB4xG3etBgMZROUEd0DgTKRDGtx54CUxa xnzge8gmscc8ZkAGr8X zus5ymsIp87ZMQNIRr0Gt63F0QmwUhqa2d1qS ZPqtRkgDd5TPeKhH7PK5 nr4T9MmcaC Fy1JaOif8rrNX50a97U5v9tJm8jJqwsXdFmk7hIl9zk qngUFNtF bPzQi58YV8jDlS7GwgysLz8565l 2Lr GtcZmkDJZ2VqQS4=w960 h480 no?authuser=0 - हिन्दी माध्यम में नोट्स संग्रह

भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार (Flag Ceremony)

स्काउट/गाइड अपना दैनिक कार्य ध्वज-शिष्टाचार से प्रारम्भ करते हैं। कब-बुलबुल, स्काउट/गाइड तथा रोवर्स रेंजर्स का ध्वज शिष्टाचार का अपना-अपना विशिष्ट तरीका है। स्काउट/गाइड ध्वज शिष्टाचार नालाकार (Horse Shoe Formation) में खड़े होकर किया जाता है। रैलियों व शिविरों में जहाँ संख्या बहुत अधिक हो टोली-नायक दल नायक नालाकार या सूर्य की किरणों की भाँति अर्द्धवृत्त में खड़े होते हैं। शेष सदस्य उनके पीछे खड़े होंगे।

नालाकार घेरा बनाने की विधि (Horse Shoe)

नालाकार में खड़े करने की इस विधि का आंकलन एक दल (24 से 32) के लिये किया गया है। समतल भूमि पर झण्डे के लिये कोई बिन्दु 0 लिया। जिस पर समकोण बनाते हुए पूर्व-पश्चिम, उत्तर दक्षिण रेखायें खींचली।

0 के ठीक पीछे 2 कदम पर A और 2 कदम पर B लिया, A और B पर एक-एक खूटी गाड़ दी। B से 8 कदम ABC बनाते हुए C लेकर तीसरी खूटी गाड़ दी। अब AC पर दुहरी रस्सी लगा दी और A से खूटी हटा कर (0 के पूर्व-पश्चिम में XY रेखा पर कस कर रस्सी से घेरा बना दिया, XYZ अभीष्ट नालाकर बन जायेगा A0 से Aकी ओर तीन कदम पर PQ रेखा खींच दी जिस पर स्काउटर्स गाइडर्स और अधिकारी खड़े होंगे।

ध्वज-शिष्टाचार की विधि व आदेश

स्काउट दल

दल नालाकार में विश्राम अवस्था में खड़ा होगा, नेतृत्व तीन व्यक्ति करेंगे लीडर, सहायक और ध्वज लीडर। नालाकार के आगे ध्वज पोल से ठीक दो कदम आगे सहायक स्काउट मास्टर खड़ा होगा जिसका कार्य है, दल को ठीक प्रकार नालाकार में खड़ा कर गणवेश का निरीक्षण कर लेना। दल को सावधान कर एक कदम बायें लेकर पीछे मुड़ेगा और तीन कदम आगे जाकर अपने स्थान पर रुकेगा। पीछे मुड़कर दल को विश्राम तथा सावधान कर पुनः पिछे मुड़कर सैल्यूट करते हुऐ दायित्व स्काउट मास्टर को दे देगा। स्काउट मास्टर उसके ठीक 1 कदम पीछे और सबके दाहिनी तरफ खड़ा होगा जो उनसे कार्य संचालक का दायित्व प्राप्त करेगा। अन्य सभी अधिकारी व व्यक्ति लीडर के बायीं ओर खड़े होंगे। नालाकार में सबसे दाहिने प्रथम स्थल पर ध्वज लीडर खड़ा रहेगा।

गाइड कम्पनी

कम्पनी को नालाकार से पूर्व सहायक लीडर द्वारा ध्वज के सामने खड़ा किया जायेगा। सबसे पहले ‘ध्वज दल सजा’- के आदेश पर ध्वज फहराने वाली गाइड्स खड़ी होंगी। बड़े आगे छोटे पीछे दो कतार बन आदेश पर ध्वज दल के पीछे बड़ी गाइड खड़ी होगी तथा कदवार छोटे पीछे होंगी। नालाकार बनाते हुए कदम-ताल के आदेश पर ध्वज दल के दोनों ओर बड़ी गाइड खड़ी होती चली जायेगी। पूर्ण नालाकर बन जाने पर ‘कम्पनी थम’ और ‘विश्राम’ का आदेश होगा। विस्तारपूर्वक जानने के लिये प्रवेश गाइड या गर्ल गाइडिंग इन इण्डिया देखें।

आगे का संचालन-क्रम

आगे का संचालन-क्रम निम्नवत् होगा

सहायक लीडर-दल कम्पनी-सावधान (इस आदेश के पश्चात् पीछे लीडर को सैल्यूट कर एक कदम दाहिने के पश्चात् स्थान का अदल-बदल होगा।)

Flag Ceremony)

1. दल/कम्पनी – विश्राम्।

2.सावधान

3. प्रार्थना-शुरू (दयाकर दान भक्ति का लय पूर्वक गाई जायेगी)।

4. विश्राम्।

5. आज का शुभ विचार (पहले से नियुक्त गाइड एक कदम आगे लेकर शुभ विचार कहेंगी।(केवल गाइडस के लिये)

6. दल/कम्पनी – सावधान

7. ध्वज लीडर/ध्वज दल-चल-दो। स्काउट ध्वज लीडर अपनी सीध में चलकर ध्वज पोल के ठीक सामने रुकेगी, दाहिने मुड़कर पोल के निकट आने के लिये एक कदम आगे लेगी तथा दाहिने हाथ से हेलियाई (रस्सी) को पकड़ लेगी। गाइड ध्वज-दल अपनी कलर पार्टी लीडर के निर्देश पर ध्वज पोल के आगे दो कदम के फासले पर रुकेगी। केवल पार्टी लीडर एक कदम आगे बढ़ कर हेलियाई (रस्सी) को पकड़ेगी।

8. सैल्यूट। इस आदेश पर ध्वज लीडर के अलावा बाकी सभी उपस्थित लोग तुरन्त सैल्यूट करेंगी। ध्वज लीडर डोरी को ‘क्लीट’ के नीचे जहां तक उसका हाथ जाये झटकेगी और तुरन्त ही ‘क्लीट’ पर ‘फिगर ऑफ एट’ बनाकर डोरी लपेटे तथा स्काउट लीडर एक कदम पीछे हट कर सैल्यूट करेगी।

गाइड लीडर एक कदम पीछे हटकर कलर पार्टी को एक कदम पीछे हटने तथा फिर सैल्यूट का आदेश देगी।

9. झण्डा गीत – शुरू (भारत स्काउट गाइड झण्डा-गीत गाया जायेगा) झण्डा-गीत की समाप्ति पर ध्वज लीडर/कलर पार्टी अपने स्थान पर लौट जायेंगी।

10. दल कम्पनी विश्राम्। इसके पश्चात् निरीक्षण रिपोर्ट, विजय पताकाएँ देना तथा संक्षिप्त निर्देश दिये जा सकते हैं।

11.साव-धान।

12. स्व-स्थान (दायें मुड़कर एक कदम दायें ले कर कतार तोड़ दी जायेगी)।

संस्कारों का हमारे जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। संस्कार जीवन को परिष्कृत व मर्यादित करते हैं। स्काउट/गाइड शिक्षा का अधिकार स्काउट/गाइड को दीक्षा-संस्कार के पश्चात् ही दिया जाता है।

स्काउट में दीक्षा संस्कार (Investiture Ceremony)

दीक्षा-संस्कार एक प्रकार से सदस्यता- गहण समारोह है। दीक्षा सस्कार के पूर्व स्काउट/गाइड को एक विशेष प्रकार का कोर्स करना पड़ता है, जिसे ‘प्रवेश’ के नाम से जाना जाता है। यह कोर्स स्काउट/गाइड को कम से कम तीन माह में पूरा करना होता है। इस कोर्स में स्काउट गाइड द्वारा नियम व प्रतिज्ञा पर अमल करने के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक भलाई का कार्य करने की आदत डाली जाती है।

स्काउटर/गाइडर की संतुष्टि पर ही सदस्यता – रस्म या दीक्षा-संस्कार सम्पन्न किया जाता है। प्रवेश का कोर्स पूर्ण कर लेने के पश्चात् किसी शुभ दिन प्रातः या सायं की सुमधुर बेला में शान्त, नैसर्गिक सुषमा युक्त स्थल पर छात्र/छात्राओं के अभिभावक एवं किसी पूजनीय बुजुर्ग व्यक्ति के सानिध्य में स्काउटर्स गाइडर्स द्वारा स्वयं अपने स्काउट्स गाइड्स को दीक्षा देनी चाहिए।

दीक्षा संस्कार का दिन

संस्कार का दिन स्काउट-गाइड के जीवन का अति महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय दिवस होता है। स्नान व उपवास रखकर विशुद्ध मन से प्रतिज्ञा करने पर आजीवन आचरण करने का संकल्प लेने की प्रक्रिया से मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अतः स्काउटस/गाइडर्स को इस उत्सव को आकर्षक और पवित्र बनाने का प्रयास करना चाहिए ताकि स्काउट/गाइड को यह आभास हो कि वे एक नये जीवन में प्रवेश कर रहे हैं।

यदि एक अवसर पर एक या दो स्काउट गाइड को ही दीक्षा दी जाये तो यह अधिक सार्थक होगी। भीड़ में (दो से अधिक को) दी गई दीक्षा प्रभावहीन हो सकती है।

दीक्षा संस्कार की तैयारी-

इस अवसर पर सभी स्काउटर्स गाइडर्स तथा स्काउट/गाइड यूनिफार्म में हों। प्रातः हो तो दल कम्पनी उत्तम हैं। को नालाकार में खड़ा कर पहले ध्वज शिष्टाचार कर लें। दीक्षा संस्कार की सभी सामग्री यथास्थान रखी हो। तत्पश्चात् दीक्षा दी जाये। स्काउटर्स/गाइडर्स झण्डे की ओर अपना स्थान ग्रहण करें। उनके पीछे द्वितीय स्काउटर द्वितीय गाइडर सदस्यता बैज, स्कार्फ, वॉगल आदि लेकर खड़े हों। शेष आमंत्रित व्यक्ति बांयी ओर को खड़े हो।

पूर्ण तैयारी के बाद स्काउटर/गाइडर संक्षेप में इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालें तब पैट्रोल लीडर को नये स्काउट को दीक्षा हेतु लाने को कहें। पैट्रोल लीडर स्काउट को लेकर स्काउटर से दो कदम आगे रुक कर सैल्यूट करेगा तथा नये स्काउट का परिचय कराने के बाद एक कदम पीछे लेकर वहीं खड़ा रहेगा।

दीक्षा-विधि (स्काउट)

पैट्रोल लीडर अपनी टोली के दीक्षार्थी को लेकर स्काउट मास्टर के समक्ष उपस्थिति होता है।

स्काउटर- क्या तुम जानते हो तुम्हारी मर्यादा क्या है?

दीक्षार्थी स्काउट- जी हाँ, श्रीमान् इसका अर्थ है कि, मेरी सच्चाई और ईमानदारी पर विश्वास किया जा सकता है।

ट्रूप लीडर टुप फ्लेग को डंडे पर लगाकर लाता है। स्काउट मास्टर दीक्षार्थी का नाम व टोली के नाम सभी को बताता है।

स्काउटर- क्या मैं, तुम्हारी मर्यादा पर विश्वास कर सकता हूँ कि तुम यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्त्तव्य का पालन करोगे, दूसरों की सहायता करोगे और स्काउट नियम का पालन करोगे?

दीक्षार्थी स्काउट-जी हाँ, श्रीमान्।

स्काउटर- इस प्रतिज्ञा को लेने के बाद क्या तुम उसका जीवन पर्यन्त पालन करोगे?

दीक्षार्थी स्काउट-जी हाँ, श्रीमान् ।

स्काउटर-दल सावधान्।

स्काउट-चिन्ह

दीक्षाथी स्काउट और स्काउटर दोनों अपने बायें हाथ से ध्वज स्पर्श करेंगे और दाहिने हाथ से स्काउट चिह्न बनायेगें। सभी उपस्थिति स्काउट स्काउटर्स भी चिन्ह बनाकर सावधान अवस्था में खड़े रहेंगे। स्काउटर धीरे-धीरे प्रतिज्ञा बोलेंगे जिसे दीक्षार्थी स्काउट प्रतिज्ञा लेगा ।अन्य स्काउट प्रतिज्ञा दोहरायेंगे।

  • “मैं मर्यादा पूर्वक प्रतिज्ञा करता हूँ कि, मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करूंगा।
  • दूसरों की सहायता करूंगा और
  • स्काउट नियम का पालन करूंगा।”

ध्वज ऊपर उठा लिया जाता है तथा दल को विश्राम का आदेश दिया जाता है, अब स्काउटर द्वारा उसे सदस्यता बैज प्रदान किया जाता है और, उसका महत्व बताया जाता है। ग्रुप लीडर आगे आकर स्कार्फ पहनाता हैं तथा सहायक स्काउटर कैप, प्रगति पत्र और लाठी प्रदान करते हैं। मुख्य अतिथि द्वारा पुष्प प्रदान कर आर्शीवचन दिये जाते हैं। इस अवधि में सभी स्काउट नये स्काउट के सम्मान में स्वागत्-गीत गाते हैं।

पूर्ण गणवेश और दीक्षा प्राप्त कर स्काउट अपने स्काउटर्स तथा सभी स्काउट्स को सैल्यूट कर बांया हाथ मिलाता है। यदि झण्डा फहराया गया हो तो पहले झण्डे को सैल्यूट करना चाहिए तब अपने स्काउटर और सभी स्काउट को सैल्यूट करना चाहिए। तत्पश्चात् मिष्ठान वितरण या फल वितरण किया जाता है .

दीक्षा-संस्कार उत्सव के पश्चात्-कोई प्रशिक्षण या अन्य कार्य नहीं करने चाहिए। ताकि नया स्काउट नये उत्साह से घर जाकर अपने माता-पिता तथा बड़ा का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।

स्काउट में दीक्षा संस्कार में आवश्यक बातें

  • स्काउट में दीक्षा संस्कार के लिए स्काउट को कम से कम 4 दल सभाओं में उपस्थित रहना होगा ।
  • पैट्रोल केसाथ 4 घण्टे की उद्देश्य पूर्ण बाहरी यात्रा में भाग लें।
  • सदस्यता (प्रवेश) बैज-स्काउट बाई जेब की पट्टी परबीचो-बीच तथा गाइड बाई आस्तीन पर मध्य में धारण करें।
  • स्काउट/गाइड बनने के इच्छुक बालक/बालिका को प्रवेशार्थी के रूप में नाम लिखवाने के बाद कम से कम तीन माह में प्रवेश पाठ्यक्रम पूर्ण करने के पश्चात् अपनी कार्य दक्षता से अपने स्काउटर/ गाइडर को संतुष्ट करने पर उन्हें स्काउट मास्टर/गाइड कैप्टन द्वारा दीक्षित किया जाएगा। इसके बाद ही वे पूर्ण स्काउट/गाइड यूनिफॉर्म पहनने व सदस्यता बैज लगाने के अधिकारी होंगे।

गाइड का दीक्षा संस्कार

अभिलाषी (रिक्रूट) ने प्रवेश परीक्षा पूर्ण कर ली है। उसके पेट्रोल लीडर ने उसे पूरी तरह तैयार कर दिया है और, वह गर्ल गाइड महान भगिनित्व के सदस्य के रूप में प्रवेश किये जाने के लिए तैयार है। समारोह सरल है। लेकिन प्रवेशार्थी इस विषय में हताश हो सकती है। इसमें उसकी सहायता की जानी चाहिए और जहां तक सम्भव हो उसकी हताशा को दूर करना चाहिए। प्रवेश के समय शान्ति और प्रसन्नता का वातावरण होना चाहिए। समारोह का पूर्व अभ्यास कर लेना चाहिए ताकि सब कुछ बिना रुकावट चलता रहे और इस प्रवेश की यादगार में यह दिन उसके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बना रहे।

गाइड का दीक्षा संस्कार की प्रक्रिया :-

दीक्षा समारोह के समय झण्डे का होना आवश्यक है। कम्पनी नालाकार में खड़ी होती है। गाइड्स अपनी दोस्ती के स्वरूप कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ी होती है। गाइड कैप्टन नालाकार के खुले स्थान पर खड़ी होती है। सहायक गाइड कैप्टन ट्रे (Tray) में बैज और स्कार्फ लेकर गाइड कैप्टन के पास खड़ी होती है .

प्रत्येक गाइड का अलग-अलग प्रवेश किया जायेगा। अतः एक दिन में एक या दो से अधिक दीक्षा नहीं दी जाये। कम्पनी नालाकार बनावट में खड़ी होती है। गाइड कैप्टन प्रवेशार्थी के पेट्रोल लीडर को उसे आगे लाने के लिए कहती है। पैट्रोल लीडर प्रवेशार्थी को अपनी बायीं ओर लेकर मार्च करती हुई गाइड कैप्टन से दो कदम की दूरी पर आकर रुक जाती है। पेट्रोल लीडर सैल्यूट कर कहती है-

“कैप्टन मैं कुमारी को जिसने अपना प्रवेश टेस्ट पूरा कर लिया और जो एक गाइड के रूप में प्रवेश लेना चाहती है, प्रस्तुत करती हूँ।” इसके बाद पेट्रोल लीडर एक कदम पीछे हटती है। समारोह समाप्ति तक वहीं खड़ी रहती है।

विधि

गाइड कैप्टन.-(प्रवेशार्थी से) क्या तुम जानती हो कि तुम्हारी मर्यादा क्या है?

प्रवेशार्थी-जी हाँ, कैप्टन मेरी मर्यादा का अर्थ है मुझ पर सच्ची और ईमानदार होने का विश्वास किया जा सकता है।

गाइड कैप्टन- क्या तुम गाइड नियम जानती हो?

प्रवेशार्थी- जी हाँ, कैप्टन।

गाइड कैप्टन- क्या में, विश्वास कर सकती हूँ कि, तुम अपनी मर्यादा के लिए भरसक प्रयत्न करोगी।

ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करोगी, दूसरों की सहायता करोगी और गाइड नियम का पालन करोगी?

प्रवेशार्थी- जी हाँ, कैप्टन। इसके पश्चात् प्रवेशार्थी गाइड चिह्न बनाती है और अन्य सभी पूर्व दीक्षित गाइडस भी ऐसा ही करती है तथा प्रतिज्ञा को दोहराती है।

प्रवेशार्थी- मैं मर्यादापूर्वक प्रतिज्ञा करती हूँ कि मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्त्तव्य का पालन करूंगी। दूसरों की सहायता करूंगी और गाइड नियम का पालन करूंगी। (इसके पश्चात् सभी सावधान की स्थिति में आ जाती हैं।)

गाइड कैप्टन- मैं विश्वास करती हूँ कि, तुम इस प्रतिज्ञा का मर्यादा पूर्वक पालन करोगी और प्रतिदिन एक भलाई का काम करने की कोशिश करोगी।

तब गाइड कैप्टन दीक्षार्थी की आस्तीन के मध्य में पिन से सदस्यता का बैज लगाती है और गर्दन के चारों ओर स्कार्फ बांध लेती है। दीक्षार्थी का इस आन्दोलन में एक सदस्य के नाते स्वागत करती है। बायाँ हाथ मिलाती है और, दाहिने हाथ से सैल्यूट करते हुए कहती है कि अब तुम गाइड्स के महान आन्दोलन की सदस्या बन गई हो। इसके पश्चात् नई गाइड सैल्यूट करती है।

गाइड कैप्टन- पीछे मुड़ (इस पर पैट्रोल लीटर और नवीन गाइड दोनों पीछे मुड़कर कम्पनी की ओर मुंह कर लेते है।) इतना कर लेने पर गाइड कैप्टन कहती है- “गाइडस मैं तुम्हें नई गाइड बहन सुश्री…..को प्रस्तुत करती हूँ। ‘कम्पनी.. सैल्यूट’ ‘अपने पेट्रोल के लिए तेज चल।

उपरोक्त समारोह के अन्त में गाइड कैप्टन
या निरीक्षण पर आये अन्य उपस्थिति महानुभाव को इस अवसर के महत्व से सम्बन्धित शब्द बोलने के लिए कहा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि, अपनी स्वयं की गाइड की दीक्षा करना वारन्टेड गाइडर की विशेषाधिकार है। यदि कमिश्नर उपस्थित है, तब इस समारोह के बाद दो शव आयुक्त या बोलने के लिए निवेदन किया जा सकता है। इस समारोह में दीक्षित की जाने वाली गाइडस के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।

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