विदेशों से व्यापार और संपर्क कक्षा 6 वीं सामाजिक विज्ञान (इतिहास) ) अध्याय 8

विदेशों से व्यापार और संपर्क कक्षा 6 वीं सामाजिक विज्ञान

(ईसा पूर्व 100 से 300 ईस्वी)

स्मरणीय बिन्दु

  1. आज ईसा के जन्म से पहले की घटनाओं को ईसा पूर्व (ई. पू. B.C.) में और बाद की घटनाओं को ईसवी सन् (ई. A.D.) में व्यक्त
  2. अशोक के समय में अपने देश में बड़े-बड़े व्यापारी होते थे। उन्हें ‘श्रेष्ठी’ या ‘सेट्ठी’ कहा जाता था। इसी शब्द से ‘सेठ’ शब्द बना है।
  3. चीन से मध्य एशिया होते हुए भूमध्यसागर तक एक रास्ता जाता था। उस रास्ते से चीन के रेशम का व्यापार होता था। इसलिए इसे रेशमी मार्ग कहते हैं .
  4. अजातशत्रु और अशोक के समय के सिक्के चाँदी या ताँबे के टुकड़ों पर एक तरह के निशानों का ठप्पा (आहत) लगाकर बनाए जाते थे।
  5. हिन्दू-यूनानी राजाओं के सिक्के साँचों में ढलते थे। इनमें राजा की तस्वीर और उसका नाम लिखा होता था ।
  6. गांधार में बनी मूर्तियों में हम यूनानी मूर्तिकला के प्रभाव को देख सकते हैं। इन मूर्तियों में चुन्नरों की बनावट पर जोर है।
  7. मथुरा के कलाकार मूर्तियों की हृष्ट-पुष्ट आकृति पर ज्यादा जोर देते हैं और चुन्नरों पर कम 
  8. रोमन-साम्राज्य और यूनान से सम्पर्क के कारण गणित, ज्योतिष और खगोलशास्त्र की जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!