कविता क्या है -आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

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कविता क्या है -आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कविता वह साधन है जिसके द्वारा शेष सृष्टि के साथ मनुष्य के रागात्मक सम्बन्ध की रक्षा और निर्वाह होता है। रागों या वेगस्वरूप मनोवृत्तियों का सृष्टि के साथ उचित सामन्जस्य स्थापित करके कविता मानव जीवन के व्यापकत्व की अनुभूति उत्पन्न करने का प्रयास करती है। सृष्टि के नाना रूपों … Read more

हिंदी निबंध का विकास

हिन्दी निबंध

हिंदी निबंध का विकास हिन्दी निबन्ध का जन्म भारतेन्दु-काल में हुआ। यह नवजागरण का समय था। भारतीयों की दीन-दुखी दशा की ओर लेखकों का बहुत ध्यान था। पुराने गौरव, मान, ज्ञान, बल-वैभव को फिर लाने का प्रयत्न हो रहा था। भारतेन्दु युग द्विवेदी युग प्रसाद-युग प्रसादोत्तर युग हिंदी निबंध के विकास का वर्णन इस प्रकार … Read more

अशोक के फूल का सारांश

अशोक के फूल का सारांश प्रस्तुत निबन्ध में हजारी प्रसाद द्विवेदी जी ने ‘अशोक के फूल’ की सांस्कृतिक परम्परा की खोज करते हुए उसकी महत्ता प्रतिपादित की है। इस फूल के पीछे छिपे हुये विलुप्त सांस्कृतिक गौरव की याद में लेखक का मन उदास हो जाता है और वह उमड़-उमड़ कर भारतीय रस-साधना के पीछे … Read more

चिंतामणि के तीन भाग

चिंतामणि के तीन भाग हैं चिंतामणि 1 सन् १९३९ में प्रकाशित आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित हिन्दी का निबंधात्मक (समालोचना)ग्रंथ है। जिसके प्रमुख निबन्ध हैं- भाव या मनोविकार, उत्साह, श्रद्धा और भक्ति, करुणा, लज्जा और ग्लानि, घृणा, ईर्ष्या, भय, क्रोध, कविता क्या है, काव्य में लोक मंगल की साधनावस्था। चिंतामणि 2 सन् १९४५ ई. में … Read more

मजदूरी और प्रेम -सरदार पूर्ण सिंह 

मजदूरी और प्रेम -सरदार पूर्ण सिंह  हल चलाने वाले का जीवन हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले प्रायः स्वभाव से ही साधु होते हैं। हल चलाने वाले अपने शरीर का हवन किया करते हैं। खेत उनकी हवनशाला है। उनके हवनकुंड की ज्वाला की किरणें चावल के लंबे और सुफेद दानों के रूप में निकलती हैं। … Read more

निबंध कैसे लिखें ,आवश्यक बातों की जानकारी

आदर्श निबंध लिखने से पूर्व जानकारी निबन्ध लिखते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए- (1)  सम्बन्धित विषय का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए। (2) क्रमबद्ध रूप से विचारों को लिखा जाये। (3) निबन्ध की भाषा रोचक एवं सरल होनी चाहिए। (4)  वाक्य छोटे-छोटे तथा प्रभावशाली होने चाहिए। (5)  अनावश्यक बातें नहीं लिखनी चाहिए। (6) व्याकरण … Read more

निबन्ध की शैली व विशेषताएँ

निबन्ध की शैली व विशेषताएँ निबन्ध की शैली(ESSAY STYLE) लिखने के लिए दो बातों की आवश्यकता है- भाव और भाषा। भाव और भाषा को समन्वित करने के ढंग को ‘शैली’ कहते है। अच्छी शैली वह है, जो पाठक को प्रभावित करे। यह पाठक को शब्दों की उलझन में नहीं डालती। निबन्ध की विशेषताएँ(Essay Features) निबन्ध … Read more

निबंध के प्रकार(TYPE OF ESSAY)

निबंध के प्रकार विषय के अनुसार प्रायः सभी निबंध तीन प्रकार के होते हैं : (1) वर्णनात्मक (2) विवरणात्मक (3) विचारात्मक वर्णनात्मक निबंध- किसी सजीव या निर्जीव पदार्थ का वर्णन वर्णनात्मक निबंध कहलाता है। स्थान, दृश्य, परिस्थिति, व्यक्ति, वस्तु आदि को आधार बनाकर लिखे जाते हैं। वर्णनात्मक निबंध के लिए विभाग यदि विषय कोई ‘प्राणी’ … Read more

निबन्ध-लेखन (Essay-writing): परिभाषा, अर्थ व अंग

निबन्ध-लेखन (Essay-writing)  परिभाषा “अपने मानसिक भावों या विचारों को संक्षिप्त रूप से तथा नियन्त्रित ढंग से लिखना ‘निबन्ध’ कहलाता है।” दूसरे शब्दों में- “किसी विषय पर अपने भावों को पूर्ण रूप से क्रमानुसार लिपिबद्ध करना ही ‘निबंध’ कहलाता है।” आधुनिक निबन्धों के जन्मदाता फ्रान्स के मौन्तेन के अनुसार ‘निबन्ध विचारों, उद्धरणों एवं कथाओं का सम्मिश्रण … Read more

हिन्दी साहित्य में निबंध व उनके निबंधकार

हिन्दी साहित्य में निबंध व उनके निबंधकार निबंधकार निबंध/निबंध-संग्रह शिवप्रसाद ‘सितारे-हिंद’ राजा भोज का सपना महावीर प्रसाद द्विवेदी म्युनिसिपैलिटी के कारनामे, जनकस्य दण्ड, रसज्ञ रंजन, कवि और कविता, लेखांजलि, आत्मनिवेदन, सुतापराधे चंद्रधर शर्मा गुलेरी विक्रमोर्वशी की मूल कथा, अमंगल के स्थान में मंगल शब्द, मारेसि मोहि कुठाँव, कछुवा धर्म बालमुकुंद गुप्त शिवशंभू के चिट्ठे, चिट्ठे … Read more

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