नामदेव का साहित्यिक परिचय

नामदेव का साहित्यिक परिचय नामदेव भारत के प्रसिद्ध संत थे। भक्त नामदेव महाराज का जन्म 26 अकटुबर 1270 (शके 1192) प्रथम संवत्सर कार्तिक शुक्ल एकादशी को में महाराष्ट्र के सातारा जिले में कृष्णा नदी के किनारे बसे नरसीबामणी नामक गाँव में एक

पद्मावत का प्रतीक योजना

'पद्मावत' को प्रतीकात्मक काव्य कहा जाता है। किंतु यह प्रतीकात्मकता सर्वत्र नहीं है और इससे लौकिक कथा में कोई बाधा नहीं पहुँचती है। पद्मिनी परमसत्ता की प्रतीक है, राजा रतन सेन साधक का, राघव चेतन शैतान का, नागमती संसार का, हीरामन तोता गुरू

कुलपति मिश्र का साहित्यिक परिचय

कुलपति मिश्र आगरा के रहने वाले 'माथुर चौबे' थे और महाकवि बिहारी के भानजे के रूप में प्रसिद्ध हैं। इनके पिता का नाम 'परशुराम मिश्र' था। कुलपति जी जयपुर के महाराज जयसिंह के पुत्र महाराज रामसिंह के दरबार में रहते थे। कविता काल इनके 'रस

  शबरपा का साहित्यिक परिचय

शबरपा सिद्ध साहित्य की रचना करने वाले प्रमुख सिद्धों में से एक हैं। इनका जन्म 780 ई॰ में क्षत्रिय कुल में हुआ था। इन्होंने सरहपा से ज्ञान प्रप्त किया। शबरों की तरह जीवन व्यतीत करने के कारण इन्हें शबरपा कहा जाने लगा। इनकी प्रसिद्ध पुस्तक

पद्माकर का साहित्यिक परिचय

रीति काल के ब्रजभाषा कवियों में पद्माकर (1753-1833) का महत्त्वपूर्ण स्थान है। वे हिंदी साहित्य के रीतिकालीन कवियों में अंतिम चरण के सुप्रसिद्ध और विशेष सम्मानित कवि थे। पद्माकर के पिता मोहनलाल भट्ट सागर में बस गए थे। यहीं पद्माकर जी का

कृष्णदास का साहित्यिक परिचय

कृष्णदास हिन्दी के भक्तिकाल के अष्टछाप के कवि थे। उनका जन्म 1495 ई. के आसपास गुजरात में चिलोतरा ग्राम के एक कुनबी पाटिल परिवार में हुआ था। बचपन से ही प्रकृत्ति बड़ी सात्विक थी। जब वे 12-13 वर्ष के थे तो उन्होंने अपने पिता को चोरी करते

भूषण का साहित्यिक परिचय

महाकवि भूषण का जन्म संवत 1670 तदनुसार ईस्वी 1613 में हुआ। वे मूलतः टिकवापुर गाँव के निवासी थे जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर तहसील में पड़ता है। उनके दो भाई चिन्तामणि और मतिराम भी कवि थे। 'शिवराज भूषण' ग्रंथ के

चतुर्भुजदास का साहित्यिक परिचय

चतुर्भुजदास, कुम्भनदास के पुत्र और गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। डा ० दीन दयाल गुप्त के अनुसार इनका जन्म वि ० सं ० 1520 और मृत्यु वि ० सं ० 1624 में हुई थी। इनका जन्म जमुनावती गांव में गौरवा क्षत्रिय कुल में हुआ था। वार्ता के अनुसार

छीतस्वामी का साहित्यिक परिचय

छीतस्वामी वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक। जिन्होने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अपने पदों में वर्णन किया। छीतस्वामी का जन्म इनका जन्म १५१५ ई० में हुआ था। मथुरा के चतुर्वेदी ब्राह्मण थे।

परमानन्द दास का साहित्यिक परिचय

परमानन्ददास वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक कवि जिन्होने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अपने पदों में वर्णन किया। परमानन्द दास का जन्म इनका जन्म काल संवत 1606 के आसपास है। अष्टछाप के कवियों में