जयतु छत्तीसगढप्रदेशः खण्ड कक्षा छठवीं विषय संस्कृत पाठ 19 (ब)

जयतु छत्तीसगढप्रदेशः खण्ड कक्षा छठवीं विषय संस्कृत पाठ 19 (ब)

जयतु छत्तीसगढ़प्रदेश:
जयतु जय-जय भारतम् ।
अस्य उत्तरे नर्मदा, दक्षिणे इन्द्रावती 
राजीवलोचन राजिमे, दन्तेवाड़ायां दन्तेश्वरी।
स्थलमल्हारे अति प्रसिद्धं, जयतु जय-जय भारतम्।
 जयतु छत्तीसगढ़प्रदेशः, जयतु जय-जय भारतम्।

शब्दार्था:- जयतु =जय हरे, अस्य =इसके ,उत्तरे= उत्तर में, राजिमे =राजिम में, दन्तेवाड़ायां=दन्तेवाड़ा में ,स्थल =स्थान ।

अर्थ – छत्तीसगढ़ प्रदेश की जय हो, भारत की जय हो। इसके उत्तर में नर्मदा और दक्षिण में इन्द्रावती नदी बहती है। राजिम में राजीवलोचन (भगवान का मन्दिर) है। दन्तेवाड़ा में दन्तेश्वरी देवी माँ हैं। मल्हार स्थान बहुत प्रसिद्ध है। जय हो, भारत तुम्हारी जय हो, छत्तीसगढ़ प्रदेश की जय हो भारत की जय हो। 

सतीस्थली महामायायां प्रसिद्धं देवेश्वरी।
डोंगरगढ़स्थलं प्रसिद्ध, देवी माता बम्बलेश्वरी ॥ 
देवभोगः अति प्रसिद्ध, हीरक रत्नानाम् खानम्। 
जयतु छत्तीसगढ़ प्रदेश: जयतु जय-जय भारतम् ।। 

शब्दार्था:- स्थली = स्थान, हीरक = होरे, रत्नानाम् = रत्नों की, अति= बहुत, जयतु= जय हो। 

अर्थ-सती स्थान महामाया में महामाया देवी प्रसिद्ध है। डोंगरगढ़ स्थान की बम्लेश्वरी देवी माँ प्रसिद्ध हैं। हीरा रत्नों की खान भूमि देवभोग अत्यधिक प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की जय हो, भारत की जय हो।

उद्योगानां तीर्थस्थलीयं, भिलाई कोरबा भूतम् ।
 बैलाडीला लौहखानम्, मम प्रदेशे सुविख्यातम् ॥ 
धन्या जननी जन्मभूमिः, धन्यं भारतवर्षम् ।
जयतु छत्तीसगढ़प्रदेशः, जयतु जय-जय भारतम् ।।

 शब्दार्था:- उद्योगानां = उद्योगों का, भूतम् = बन गया है, लौह = लोहे का, मम =मेरा, धन्या = धन्य है।

अर्थ-भिलाई, कोरबा उद्योगों का तीर्थस्थान बन गया है। हमारे प्रदेश में बैलाडीला की लौह खान सुविख्यात है। माता और मातृभूमि धन्य है, भारतवर्ष धन्य है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की जय हो, भारत की जय हो।

छत्तीसगढ़ अंचले प्रसिद्धं, लोक संस्कृतिः सरगुजिका। 
करमा पंडवानी प्रसिद्ध, अति प्रसिद्धं शुकनृत्यम् ॥ 
पंथी, ददरिया चापि प्रसद्धिं जयतु जय-जय भारतम् । 
जयतु छत्तीसगढ़प्रदेशः, जयतु जय-जय भारतम् ।

शब्दार्था: – अंचले = अंचल में, शुकनृत्यम् = सुआ नृत्य, अपि = भी, जयतु = जय हो।

अर्थ – छत्तीसगढ़ अंचल में सरगुजा के लोक संस्कृति प्रसिद्ध है। करमा, पंडवानी (गीत) प्रसिद्ध है। सुआ नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। पंथी और ददरिया भी प्रसिद्ध है। भारत की जय हो। छत्तीसगढ़ की जय हो, भारत माता की जय हो।

मम प्रदेशे महानदी, सोन, जुहिलाश्च प्रवहन्ति ।
 पेण्ड्रा अंचले परमानन्द सरिता अरपा निस्सरति ॥
 धन्यः छत्तीसगढ़प्रदेशः, धन्यं भारतवर्षम् । 
जयतु छत्तीसगढ़प्रदेशः, जयतु जय-जय भारतम्।।

शब्दार्थाः– मम = मेरे, प्रवहन्ति = बहती हैं, परमानन्द = आनन्द प्रदान करने वाली, निस्सरति = निकलती है, जयतु =जय हो।

 अर्थ- हमारे प्रदेश में महानदी, सोन और जुहिला नदी बहती है। पेण्ड्रा अंचल में पेण्ड्रा से परम आनन्द प्रदान करने वाली अरपा नदी निकलती है। धन्य छत्तीसगढ़ प्रदेश, धन्य भारतवर्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश की जय हो, भारत माता की जय हो।

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