कोर्ट ऑफ ऑनर (मानसभा) के बारे में जानकारी

इस पोस्ट में आपको ” मानसभा (Court Of Honor) की जानकारी ” के बारे में बताया गया है।  जिसे हमने स्काउट-गाइड  के विविध पुस्तकों को अध्ययन करके लिखा है।  जो आपको पसंद आएगी. अतः हम चाहते हैं कि इस पोस्ट को पूरा पढें। 

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मानसभा (Court Of Honor) की जानकारी-

  प्रत्येक दल/कम्पनी की एक मान-सभा होगी। जिसमें दल नायक / कम्पनी लीडर, सहायक दल नायक सहायक कम्पनी लीडर और टोली नायक/नायिका सम्मलित होंगे। सहायक भी उपस्थित रह सकते हैं किंतु, वे अनुशासन के मामले में शामिल नहीं होंगे। दल नायक कम्पनी लीडर, सहायक दल नायक/सहायक कम्पनी लीडर और टोली नायकों नायिकाओं में से एक सभापति के लिये और एक सचिव के लिये चुने जायेंगें।  

court of honor in scout

महत्वपूर्ण बिंदु :

  • इसके सदस्य दल नायक, सहा. दल नायक व टोली नायक होते हैं। 
  • इनमें कोई एक सभापति (मान सभा अध्यक्ष) व एक सचिव के रूप में कार्य करता है।
  • सैकिंड को भी सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है।
  • स्काउटर/गाइडर परामर्शदाता के रूप में कार्य करते हैं।
  • मानसभा के कार्य हैं
    • गतिविधियों की योजना बनाना,
    • कार्यों की अनुमति आन्तरिक, वित्तीय व अनुशासन संबंधी मामले पर विचार करना।

मान-सभा (Court of Honour) इसे टोली नायक परिषद्, दल-सभा, मान-सभा, कोर्ट ऑफ ऑनर, सी. ओ. एच. आदि नामों से पुकारा जाता है। दल-सभा टोली-विधि का अनिवार्य व अभिन्न अंग है। स्काउटर/गाइडर के निर्देशन में यह दल कम्पनी की एक ऐसी समिति है जो, दल कम्पनी के अनुशासन और कार्यसंचालन एवं वित्त व्यवस्था में सहायक होती है। एक ओर यह अपने सदस्यों के सम्मान की रक्षा करती है, स्वतंत्रता व उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल कर बड़ों के प्रति आदर की भावना को सुदृढ़ करती है तो, दूसरी ओर यह व्यक्तित्व का विकास कर सुयोग्य नागरिकों का निर्माण करती है।

दल सभा के कार्य

संक्षेप में दल सभा निम्नलिखित कार्य करती है-

1. दल का सम्मान तथा स्तर उच्च बनाये रखना।

2. स्काउट/गाइड कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना।

3. कार्यक्रमों का कार्यान्वयन व मूल्यांकन करना।

4. स्काउटर/गाइडर की सहायता करना।

5. दल का आय-व्यय बजट तैयार करना।

6. आदर्श नागरिक और नागरिकता की ओर रुझान पैदा करना।

7. राज्य पुरस्कार तथा राष्ट्रपति एवार्ड हेतु संस्तुति करना।

भारतीय गणतंत्र में जिस प्रकार विधायिका, कार्यपालिका और न्याय-पालिका के कर्त्तव्य और अधिकार हैं, ठीक उसी प्रकार दल-सभा के भी तद्नुरूप कार्य तथा अधिकार होते हैं। दल के सुसंचालन के लिए नियम बनाना, उनके अनुसार कार्य कराना तथा नियमों की अवहेलना करने पर दण्डात्मक व्यवस्था करना उस समिति का प्रमुख कार्य है।

स्काउटर/ गाइडर इस समिति में परामर्शक की भूमिका का निर्वहन करते है।

अध्यक्षता-दल नायक सहायक कम्पनी लीडर/सहायक, टोली नायकों में से चयनित व्यक्ति इस सभा की अध्यक्षता करता है और उनमें से चयनित एक सचिव नियुक्त किया जाता है।

सदस्यता- सभी टोली नायक, इस सभा के सदस्य होते हैं। सहायक टोली नायक भी बैठक में उपस्थित हो सकते हैं, पर वे किसी चर्चा या मतदान में भाग नहीं ले सकते। वे अपने टोली नायक के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं। अनुशासनात्मक चर्चा के समय वे उपस्थित नहीं रह सकते।

बैठकें- अध्यक्ष या सचिव के अनुरोध/आदेश पर समय-समय पर बैठकें सम्पन्न की जाती है। प्रत्येक सदस्य को तय स्थान, समय, तिथि व कार्यसूची (एजेण्डा) की विधिवत् सूचना दी जाती है। बैठक की अध्यक्षता, तिथि, समय व स्थान का बैठक पंजिका में अंकन कर सदस्यों की उपस्थिति ली जाती है। बैठक की कार्यवाही प्रार्थना से शुरू कर राष्ट्रगान से समापन की जानी चाहिए। वर्षभर में ऐसी बैठकें आवश्यकतानुसार की जानी चाहिए।

कोर्ट ऑफ ऑनर (मानसभा) मुख्य बातें –

  • इसके सदस्य दल नायक, सहा. दल नायक व टोली नायक होते हैं।
  • इनमें कोई एक सभापति (मान सभा अध्यक्ष) व एक सचिव के रूप में कार्य करता है।
  • सैकिंड को भी सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है।
  • स्काउटर/गाइडर परामर्शदाता के रूप में कार्य करते हैं।
  • मानसभा के कार्य हैं
    • गतिविधियों की योजना बनाना,
    • कार्यों की अनुमति आन्तरिक, वित्तीय व अनुशासन संबंधी मामले पर विचार करना।

मान सभा की कार्यवाही नमूना

आज दिनांक………………की पूर्वान्ह/अपरान्ह……………………बजे स्थान…………………….पर श्री/कु…………. …की अध्यक्षता में……………………….दल/ कम्पनी की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें उपस्थिति इस प्रकार रही-
01.

02.

03.

04.

05.

06.

07.

08.

09.

10.

पारित प्रस्ताव

पिछली कार्यवाही का वाचन एवं पुष्टि

प्रस्ताव सं. 1

दल कम्पनी सचिव श्री/कु….ने दिनांक…. की कार्यवाही का वाचन किया। निम्नलिखित कार्यों
सफलता पूर्वक सम्पन्न कर लिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई।

1..
2.
3.

निम्नलिखित अपूर्ण या पूर्ण आंशिक कार्यों को अविलम्ब पूरा करने का संकल्प लिया गया।

प्रस्ताव सं.2

वार्षिक कार्यक्रम बनाने पर विचार :-
चूंकि वर्षभर के लिये कार्य-नियोजन करना किसी दल/कम्पनी की सफलता का परिचायक होता है।
अतः माहवार सर्व-सम्मति से निम्नलिखित कार्य करना निश्चित किया गया।
माह जुलाई .
माह अगस्त
माह सितम्बर
माह अक्टूबर
माह नवम्बर
माह दिसम्बर

प्रस्ताव सं.3

शिविर आयोजन पर विचार :-
श्री/कु……………………. .टोली नं…………………….. के सदस्य ने सुझाव रखा कि अगस्त सितम्बर में तीन दिन का शिविर लगाया जाय जिसमें टोलीवार
भोजन बनाने की व्यवस्था हो। इस सुझाव को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि दिनांक. .. . .. .. से . …. .. … .. तक स्थान. ………….शिविर लगेगा।

प्रस्ताव 4

दल की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने पर विचार:-

दल सचिव ने सदस्यों से दल की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने हेतु सुझाव मांगे।श्री/कु…………ने सुझाव दिया कि प्रत्येक सदस्य प्रतिमाह रु. 10/
बचत कर दल कम्पनी कोष में जमा करे। सभी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। श्री/कु……..ने सुझाव रखा कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस तथा गांधी जयंती पर स्काउट/गाइड द्वारा विद्यालय, सार्वजनिक स्थल पर स्टॉल प्रदर्शनी लगाई जाये।
इस पर गांधी जयन्ती पर स्टॉल लगाना तथा गणतंत्र दिवस पर एक प्रदर्शनी आयोजित करना सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

प्रस्ताव सं.5

अन्य प्रासंगिक विषय:-
अध्यक्ष की आज्ञा लेकर कोई तात्कालिक विषय पर भी चर्चा कर निर्णय लिया जा सकता है।
कार्यवाही पूर्ण हो जाने पर पुष्टि अध्यक्ष मान सभा द्वारा की जायेगी

ह. सचिव मान सभा ह. अध्यक्ष मान सभा
नोटः शिविरों में प्रत्येक रात्रि को दैनिक कार्यों का सिंहावलोकन करने के लिए औपचारिक अनौपचारिक दल/कम्पनी की सभा की जानी चाहिए जिसमें उपस्थिति, समस्याएँ व सुख-सुविधा पर विचार कर आवश्चयक निर्णय लेने चाहिए। साथ ही अगले दिन के कार्यों की योजना प्रस्तुत की जानी चाहिए।
ह.टोली नायक
टोली नं.
1.

2.

3.

4.

प्रमाणित

ह. यूनिट लीडर

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